पहले से वोटर, फिर भी ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं?: चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 को लेकर दूर किया सारा भ्रम, जानें सबकुछ
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पहले से वोटर रहे लोग भी फॉर्म-6 भर सकते हैं। केवल दोबारा आवेदन करने के आधार पर उनके खिलाफ धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, उनका नाम किसी दूसरी लोकसभा या विधानसभा क्षेत्र की सूची में दर्ज नहीं होना चाहिए। आखिर आयोग के इस स्पष्टीकरण से किन मतदाताओं को राहत मिलेगी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं..
- विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में जिन लोगों का नाम नहीं है, उन्हें चुनाव आयोग ने बड़ी राहत दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद अब नाम नहीं मिलने पर भी व्यक्ति फॉर्म-6 भर सकता है। इसके लिए उसे पहली बार मतदाता बनने वाला आवेदक नहीं माना जाएगा। आयोग ने यह भी साफ किया है कि केवल इस वजह से किसी मतदाता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी कि उसका नाम पहले सूची में था और उसने एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 जमा किया है। आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस स्पष्टीकरण का प्रचार करने का निर्देश दिया है।
- पहले से वोटर रहे लोग फॉर्म-6 क्यों भर सकते हैं?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में जिन लोगों का नाम नहीं है, उन्हें चुनाव आयोग ने बड़ी राहत दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद अब नाम नहीं मिलने पर भी व्यक्ति फॉर्म-6 भर सकता है। इसके लिए उसे पहली बार मतदाता बनने वाला आवेदक नहीं माना जाएगा। आयोग ने यह भी साफ किया है कि केवल इस वजह से किसी मतदाता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी कि उसका नाम पहले सूची में था और उसने एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 जमा किया है। आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस स्पष्टीकरण का प्रचार करने का निर्देश दिया है।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
पहले से वोटर रहे लोग फॉर्म-6 क्यों भर सकते हैं?
चुनाव आयोग ने अपने पत्र में बताया कि फॉर्म-6 में दी जाने वाली घोषणा 1 अगस्त 2022 से लागू है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर किसी भी व्यक्ति को अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 जमा करना होगा। यह नियम उन लोगों पर भी लागू है, जिनका नाम पहले किसी मतदाता सूची में दर्ज था। यानी एसआईआर के दौरान नाम छूट जाने पर उन्हें नए सिरे से नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करना होगा। आयोग ने साफ किया है कि पहले मतदाता रह चुके व्यक्ति का फॉर्म-6 जमा करना अपने आप में गलत घोषणा नहीं माना जाएगा।