भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B28 ने सुरक्षा मूल्यांकन का 'स्क्वीज टेस्ट' पूरा कर लिया है, जो इसकी मजबूती सुनिश्चित करेगा।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B28 ने सुरक्षा मूल्यांकन का 'स्क्वीज टेस्ट' पूरा कर लिया है, जो इसकी मजबूती सुनिश्चित करेगा।
- B28 का 'स्क्वीज टेस्ट' बेंगलुरु में BEML में सफलतापूर्वक हुआ।
- गुजरात सेक्शन दिसंबर 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
B28 का 'स्क्वीज टेस्ट' बेंगलुरु में BEML में सफलतापूर्वक हुआ।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
गुजरात सेक्शन दिसंबर 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
ट्रेन में 557 यात्रियों की क्षमता और आधुनिक सुविधाएं हैं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत की पहली स्वदेशी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन B28 का इंतजार अब कुछ ही महीनों में खत्म होने वाला है। देश में वो भी दौर आने वाला है, जब पटरियों पर बुलेट ट्रेन दौड़ेगी।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
भारतीय रेलवे ने बताया कि देश की पहली बुलेट ट्रेन ने सुरक्षा मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा कर लिया है। अब इसका 'व्हीकल बॉडी शेल असेसमेंट' (जिसे आमतौर पर 'स्क्वीज टेस्ट' कहा जाता है) किया जा रहा है।
बुलेट ट्रेन का यह टेस्ट बेंगलुरु में BEML की निर्माण इकाई में किया गया। यह केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (PSU) देश की पहली दो स्वदेशी बुलेट ट्रेनें बना रहा है, जिनमें से प्रत्येक ट्रेन में 8 कोच होंगे।
स्क्वीज टेस्ट में यह जांचा जाता है कि क्या ट्रेन का बाहरी ढांचा किसी टक्कर या दुर्घटना की स्थिति में बिना अपना आकार खोए या ढांचे को कोई नुकसान पहुंचे बहुत अधिक दबाव और बाहरी ताकतों को झेल सकता है या नहीं।
इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह टेस्ट इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ये ट्रेनें बहुत तेज गति से चलेंगी। दुर्घटना या टक्कर की स्थिति में, इनका बाहरी ढांचा इतना मजबूत होना चाहिए कि वह भारी बाहरी दबाव को सहन कर सके।
मंत्रालय ने इस कॉरिडोर के निर्माण की समय-सीमा भी बताई। इसके तहत, पूरा गुजरात सेक्शन दिसंबर 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि 508 किलोमीटर लंबे पूरे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को दिसंबर 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।