2 अगस्त 1990 को इराक़ी सेना अचानक कुवैत में घुस गई. कुवैत पर इराक़ी सेना का कब्ज़ा होने के बाद सद्दाम हुसैन के चचेरे भाई अली हसन अल-मजीद को वहां का सैन्य शासक बनाया गया.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
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- 2 अगस्त 1990 को इराक़ी सेना अचानक कुवैत में घुस गई
- इस सैन्य कार्रवाई का आदेश इराक़ के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने दिया था
2 अगस्त 1990 को इराक़ी सेना अचानक कुवैत में घुस गई
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
इस सैन्य कार्रवाई का आदेश इराक़ के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने दिया था
इसके साथ खाड़ी क्षेत्र का एक बड़ा संकट शुरू हुआ, जिसने बाद में दूसरे खाड़ी युद्ध का रास्ता तैयार किया
लेकिन इराक़ और कुवैत के रिश्ते अचानक नहीं बिगड़े थे
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
इसके पीछे राजनीतिक और आर्थिक, दोनों तरह की कई वजहें थीं.
1988 में ईरान और इराक़ के बीच युद्ध ख़त्म होने के बाद इराक़ भारी कर्ज़ में डूब गया था
युद्ध के दौरान खाड़ी देशों ने इराक़ की आर्थिक मदद की थी
युद्ध ख़त्म होने के बाद कुवैत ने इराक़ से अपना कर्ज़ लौटाने को कहा
इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया