सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं किया जा सकता, क्योंकि अन्य लोग भी अपनी शिकायतें रखना चाहते हैं।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी जगह पर हमेशा के लिए ...और पढ़ें
- दिल्ली में हुई विरोध प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी (फाइल फोटो)
- सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों पर की सुनवाई।
दिल्ली में हुई विरोध प्रदर्शनों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी (फाइल फोटो)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों पर की सुनवाई।
कहा, विरोध स्थल पर हमेशा कब्जा नहीं कर सकते।
व्यापारियों को आयोजकों को पक्षकार बनाने का निर्देश।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों, लोगों को बड़ी संख्या में हिरासत में लेने, पुलिस की बर्बरता, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और इंटरनेट बंद किए जाने के खिलाफ व्यापारियों की याचिकाओं पर आज मंगलवार को सुनवाई की।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, 'आप किसी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं कर सकते। अन्य प्रदर्शनकारी भी हैं। किसान या वकील कहां जाएंगे? हर किसी को विरोध करने का अधिकार है।'
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों और अन्य लोगों द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ किए गए बड़े विरोध प्रदर्शन की सुनवाई के दौरान आई, जब उस जगह से 'विरोध प्रदर्शन स्थल' का दर्जा हटाए जाने की प्रक्रिया चल रही थी।
सुप्रीम कोर्ट में व्यापारिक संगठनों ने याचिका दायर की, जिसमें बताया कि विरोध प्रदर्शनों की वजह से उनका काफी नुकसान हो रहा है। कोर्ट ने व्यापारियों के संगठनों से कहा है कि वे 'एंटी-CEC' विरोध प्रदर्शन के आयोजकों को भी अपनी याचिका में पक्षकार बनाएं।
विरोध प्रदर्शन के चलते व्यापारियों की स्थिति बताते हुए उनके वकील ने कोर्ट से कहा, 'विरोध स्थल के आस-पास के इलाकों में 50 लाख लोग रहते हैं। सभी दुकानें बंद हैं और आज CP (कनॉट प्लेस) में कोई नहीं है।