जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने पिछले महीने अपनी सरकार के दो साल पूरे किए. अब वह अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक का सामना कर रहे हैं. पार्टी के 17 नाराज़ विधायकों ने पार्टी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है
- वह लंबे समय से पार्टी ने नाराज़ चल रहे थे
- समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ आगा सैयद रुहुल्लाह ने संकेत दिया है कि वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं
वह लंबे समय से पार्टी ने नाराज़ चल रहे थे
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ आगा सैयद रुहुल्लाह ने संकेत दिया है कि वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं
उन्होंने कहा, "मैं सत्ता के लिए अपने सम्मान से समझौता नहीं कर सकता." रुहुल्लाह ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे 3 नवंबर को पार्टी से इस्तीफ़ा दे देंगे
उनके इस्तीफ़े के साथ ही जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
उमर अब्दुल्लाह की सरकार ने पिछले महीने ही अपने मौजूदा कार्यकाल के दो साल पूरे किए हैं.
27 अक्तूबर को कश्मीर के चार विधायकों को उनके मंत्रिमंडल में शामिल किया गया
इनमें अली मोहम्मद सागर, मीर सैफ़ुल्लाह, शमीमा फ़िरदौस और अल्ताफ़ अहमद वानी शामिल हैं
इसके बाद उमर अब्दुल्लाह को अपनी ही पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ नेताओं की आलोचना का सामना करना पड़ा
पार्टी के भीतर इस तरह खुलकर नाराज़गी सामने आना आम बात नहीं है