भाजपा पार्थ-जय के बीच डाल रही फूट?: रोहित पवार ने क्या आरोप लगाए, एनसीपी नेताओं की शाह से मुलाकात पर क्या कहा?
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- महाराष्ट्र में रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि भाजपा पार्थ और जय पवार के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने अमित शाह से एनसीपी नेताओं की मुलाकात पर भी सवाल उठाए। रोहित ने अजित पवार के विमान हादसे की सीबीआई जांच और किसानों के लिए राहत की मांग न उठाने पर नाराजगी जताई। क्या दोनों एनसीपी का विलय भाजपा से अलग होने पर ही संभव होगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं..
- महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अब पार्थ पवार और जय पवार के बीच भी मतभेद पैदा करने की कोशिश कर सकती है। पार्थ और जय, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे हैं। रोहित ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार के बीच दूरी पैदा की थी। अब पार्टी की नजर दोनों भाइयों के रिश्तों पर हो सकती है। उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एनसीपी नेताओं की मुलाकात पर भी सवाल उठाए।
- अमित शाह से मुलाकात में किन मुद्दों को उठाने की मांग की गई थी?
महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अब पार्थ पवार और जय पवार के बीच भी मतभेद पैदा करने की कोशिश कर सकती है। पार्थ और जय, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे हैं। रोहित ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार के बीच दूरी पैदा की थी। अब पार्टी की नजर दोनों भाइयों के रिश्तों पर हो सकती है। उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एनसीपी नेताओं की मुलाकात पर भी सवाल उठाए।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
अमित शाह से मुलाकात में किन मुद्दों को उठाने की मांग की गई थी?
रोहित पवार ने कहा कि एनसीपी नेताओं को अजित पवार से जुड़े विमान हादसे का मुद्दा उठाना चाहिए था। उन्होंने मांग की कि इस हादसे की सीबीआई जांच की बात रखी जाती तो उन्हें खुशी होती। इसके अलावा महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त किसानों के लिए केंद्र से राहत मांगनी चाहिए थी। रोहित ने कहा कि किसानों को प्रति हेक्टेयर 70 से 80 हजार रुपये की सहायता दिलाने की मांग की जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक, नेताओं ने इन मुद्दों के बजाय अपने पद और राजनीतिक भविष्य पर ध्यान दिया।
रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार की एनसीपी (शरदचंद्र पवार) का विलय संभव है। लेकिन इसके लिए अजित पवार की पार्टी को भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन से बाहर आना होगा। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी भाजपा से संबंध तोड़कर उसके खिलाफ लड़ने को तैयार होती है तो दोनों दल साथ आ सकते हैं। रोहित ने स्पष्ट किया कि भाजपा के साथ सत्ता में रहने की स्थिति में उनकी पार्टी के नेता विलय का फैसला नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि शरद पवार दशकों से भाजपा की विचारधारा का विरोध करते रहे हैं।