Naraka Chaturdashi 2026: छोटी दिवाली पर 14 दीये जलाने की परंपरा कई हिंदू परिवारों में प्रचलित है। इस दिन मुख्य दरवाजे, पूजा घर, तुलसी के पौधे और दक्षिण दिशा में यम दीपक जलाने का विशेष महत्व माना जाता है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- Choti Diwali 2026: दिवाली का त्योहार पांच दिनों तक चलने वाला खुशियों और रोशनी का पर्व है। इसकी शुरुआत धनतेरस से होती है और छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी के साथ उत्सव की रौनक और बढ़ जाती है। इस दिन घरों की साफ-सफाई, पूजा-पाठ और दीपक जलाने की विशेष परंपरा है। मान्यता है कि छोटी दिवाली पर घर में दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
- लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए? घर के मुख्य दरवाजे से लेकर आंगन, तुलसी के पौधे और पूजा घर तक दीपक रखने की अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हैं। कई परिवार इस दिन 5, 7, 11 या 14 दीये जलाते हैं। वहीं कुछ परंपराओं में यमराज के नाम से दक्षिण दिशा में दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है।
- अगर आप भी छोटी दिवाली 2026 पर दीपक जलाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जान लीजिए कि कितने दीये जलाना शुभ माना जाता है, किस दिशा में दीपक रखना चाहिए और घर के किन-किन स्थानों पर दीपक जलाने की परंपरा है। यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों पर आधारित है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटी दिवाली पर कितने दीये जलाने चाहिए? घर के मुख्य दरवाजे से लेकर आंगन, तुलसी के पौधे और पूजा घर तक दीपक रखने की अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हैं। कई परिवार इस दिन 5, 7, 11 या 14 दीये जलाते हैं। वहीं कुछ परंपराओं में यमराज के नाम से दक्षिण दिशा में दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया गया है।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
अगर आप भी छोटी दिवाली 2026 पर दीपक जलाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जान लीजिए कि कितने दीये जलाना शुभ माना जाता है, किस दिशा में दीपक रखना चाहिए और घर के किन-किन स्थानों पर दीपक जलाने की परंपरा है। यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पारंपरिक रीति-रिवाजों पर आधारित है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर 14 दीये जलाने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। इन दीपकों को यमराज के निमित्त जलाने और घर के अलग-अलग स्थानों पर रखने की मान्यता है। हालांकि, हर क्षेत्र और परिवार में दीपक जलाने की संख्या और विधि अलग हो सकती है। कुछ लोग 5, 7 या 11 दीपक भी जलाते हैं।
इस दिन विशेष रूप से यम दीपक जलाने का महत्व बताया जाता है। इसे अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति की कामना के साथ जलाया जाता है। यह दीपक घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर रखा जाता है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
छोटी दिवाली पर घर के मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। आप दरवाजे के दोनों ओर भी दीपक रख सकते हैं।
यहां यमराज के नाम से यम दीपक जलाया जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस दीपक को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखना चाहिए। इसे परिवार की लंबी आयु और मंगल की कामना से जोड़ा जाता है।
हिंदू धर्म में तुलसी को पूजनीय माना गया है। छोटी दिवाली की शाम तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाने की परंपरा भी है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
घर के मंदिर में देवी-देवताओं के सामने दीपक जलाना शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का स्मरण करके दीपक जला सकते हैं।
रसोई को घर की समृद्धि और अन्नपूर्णा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कुछ परिवार छोटी दिवाली पर रसोई में भी दीपक जलाते हैं। इसे अन्न और खुशहाली के प्रति आभार व्यक्त करने की परंपरा माना जाता है।