भारत को लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का अध्यक्ष चुना गया है, जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने की।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- भारत को लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) का अध्यक्ष चुना गया है, जिसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने की।
- भारत लगातार तीसरी बार चुना गया अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का अध्यक्ष : प्रल्हाद जोशी
- भारत लगातार तीसरी बार ISA का अध्यक्ष चुना गया।
भारत लगातार तीसरी बार चुना गया अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का अध्यक्ष : प्रल्हाद जोशी
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
भारत लगातार तीसरी बार ISA का अध्यक्ष चुना गया।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इसकी घोषणा की।
सौर ऊर्जा विस्तार, निवेश पर भारत का विशेष जोर।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत को लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन(आइएसए) का अध्यक्ष चुना गया है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को बताया कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट 2026 के दौरान आयोजित आइएसए के नौवें सत्र में सभी सदस्य देशों ने भारत पर भरोसा जताया और लगातार तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का अध्यक्ष चुना है।
फ्रांस को फिर आइएसए के सह-अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं प्रदर्शनी 2026 का उद्घाटन दो नवंबर को किया था। यह पांच नवंबर को संपन्न होगा।
मीडिया को संबोधित करते हुए जोशी ने आइएसए के सभी सदस्य देशों का आभार जताया। उन्होंने फ्रांस को भी दोबारा सह-अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी। जोशी ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सौर ऊर्जा के लाभों को सभी देशों तक समान रूप से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रयास 'पावर टू एम्पावर' (सशक्त बनाने की शक्ति) के दृष्टिकोण और ‘एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड’ के सिद्धांत पर आधारित है।
आइएसए की स्थापना साल 2015 में भारत और फ्रांस ने मिलकर की थी। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और स्वच्छ ऊर्जा के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। शुरुआत में यह पहल कुछ देशों तक सीमित थी, लेकिन अब इसमें 130 हस्ताक्षरकर्ता और सदस्य देश शामिल हैं। आइएसए खासतौर पर विकासशील देशों और गरीब देशों (ग्लोबल साउथ) के लिए सौर ऊर्जा के नए अवसर सृजित करने पर काम कर रहा है।
मंत्री ने बताया कि आइएसए की प्राथमिकताओं में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए फंड जुटाना शामिल है। इसके तहत 20 करोड़ डालर की अफ्रीका सोलर फैसिलिटी महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य अफ्रीका में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना है।