राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी उपक्रमों की जमीन बेचकर अब तक 9000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सरकारी उपक्रमों की जमीन बेचकर अब तक 9000 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
- सरकारी उपक्रमों की बेकार पड़ी जमीन का मौद्रीकरण शुरू
- एनएलएमसी ने सरकारी जमीन बेचकर 9000 करोड़ रुपये जुटाए।
सरकारी उपक्रमों की बेकार पड़ी जमीन का मौद्रीकरण शुरू
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
एनएलएमसी ने सरकारी जमीन बेचकर 9000 करोड़ रुपये जुटाए।
चालू वित्त वर्ष में 15,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य।
दिल्ली, विशाखापट्टनम में जमीन व फ्लैटों का मुद्रीकरण।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकारी उपक्रमों के विनिवेश के साथ इनकी जमीन की बिक्री को लेकर भी सरकार काफी सक्रिय दिख रही है। वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एजेंसी राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में विभिन्न सरकारी उपक्रमों की जमीन को बेचकर अब तक 9000 करोड़ रुपए जुटा चुका है।
उम्मीद की जा रही है कि अगले तीन-चार महीनों में और पांच-छह करोड़ रुपए की जमीन की सफल बिक्री हो जाएगी। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई व प्रयागराज जैसी जगहों पर सरकारी उपक्रमों के फ्लैटों का भी मुद्रीकरण किया जाएगा। छह माह पहले तक सरकारी जमीन के मुद्रीकरण को लेकर कोई नीलामी नहीं हो रही थी।
एनएलएमसी के सीईओ रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि सरकारी उपक्रमों की बेकार पड़ी या अतिरिक्त जमीन का मौद्रीकरण किया जा रहा है। इनकी बिक्री की प्रक्रिया पूरी करने व संबंधित काम को एनएलएमसी पूरा करता है। बदले में निगम शुल्क लेता है।
पिछले छह महीनों में मुख्य रूप से एमटीएनएल और बीएसएनएन की जमीन का मुद्रीकरण किया गया है और इससे 9000 करोड़ रुपए मिले हैं। उन्होंने बताया कि जमीन मुद्रीकरण के तहत दिल्ली के नजफगढ़ स्थित एचआईएल (इंडिया) लिमिटेड की 5.11 एकड़ जमीन की नीलामी होने जा रही है।
इस नीलामी के लिए 829.69 करोड़ रुपए का रिजर्व प्राइस रखा गया है और उम्मीद है कि नीलामी में रिजर्व प्राइस से अधिक राजस्व मिलेगा। इसे लेकर तीन नवंबर को निवेशकों के साथ बैठक की गई और 19 नवंबर तक वे इस बोली में हिस्सा लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे। जमीन लेने वाले निवेशक इस पर उद्योग से लेकर फ्लैट, माल कुछ भी बना सकेंगे।