बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान 'मुरासु' आंध्र प्रदेश तट से टकराकर आगे बढ़ा है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान 'मुरासु' आंध्र प्रदेश तट से टकराकर आगे बढ़ा है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।
- मुरासु तूफान आंध्र प्रदेश तट से टकराकर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा (AI जेनेरेटेड)
- जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
मुरासु तूफान आंध्र प्रदेश तट से टकराकर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा (AI जेनेरेटेड)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का खतरा अभी टला नहीं है। मंगलवार तड़के यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट से टकराकर आगे उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया।
लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा रही। IMD ने बताया कि आगे चलाकर यह तूफान कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा और कई जगहों पर भारी बारिश करेगा।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
इसकी वजह से आंध्र प्रदेश और उससे सटे तेलंगाना के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं बुधवार यानी 4 नवंबर को इन दोनों इलाकों के साथ रायलसीमा, दक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
छत्तीसगढ़ का मौसम अब बदला हुआ नजर आ रहा है। चक्रवाती तूफान मुरासु की वजह से राज्य में मौसमी हालात पूरी तरह बदल गए हैं।
मौसम विभाग ने मंगलवार को 19 जिलों और बुधवार को 15 जिलों में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का अनुमान है।
विभाग के अनुसार मंगलवार देर रात तक राज्य के दक्षिणी व मध्य भागों में कई जगहों पर बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है। मौसम में इस बदलाव को देखते हुए संबंधित जिलों को चेतावनी दी गई है।
IMD के मुताबिक 3 से 4 नवंबर के दौरान छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं (40-50 किमी प्रति घंटा, कभी-कभी 60 किमी प्रति घंटा तक) चलने की संभावना बनी हुई है।