गुवाहाटी के असम इंजीनियरिंग कॉलेज में 43 छात्र दूषित पानी पीने से बीमार पड़ गए, क्योंकि हॉस्टल की पानी की टंकी में एक मृत बंदर पाया गया था।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- गुवाहाटी के असम इंजीनियरिंग कॉलेज में 43 छात्र दूषित पानी पीने से बीमार पड़ गए, क्योंकि हॉस्टल की पानी की टंकी में एक मृत बंदर पाया गया था।
- पानी की टंकी में मृत बंदर मिलने से दूषित हुआ पानी।
- असम इंजीनियरिंग कॉलेज के 43 छात्र बीमार पड़े, इलाज जारी।
पानी की टंकी में मृत बंदर मिलने से दूषित हुआ पानी।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
असम इंजीनियरिंग कॉलेज के 43 छात्र बीमार पड़े, इलाज जारी।
कॉलेज परिसर में बंदरों का आतंक, वन विभाग से मदद मांगी।
डिजिटल डेस्क, गुवाहाटी। गुवाहाटी के असम इंजीनियरिंग कॉलेज के 43 छात्र दूषित पानी और उससे बने खाना खाना से बीमार पड़ गए। कॉलेज परिसर के एक हॉस्टल की पानी की टंकी में एक बंदर मृत पाए जाने के बाद यह घटना हुई।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
बताया जा रहा है कि बंदर पानी की टंकी में डूब गया था, जिससे छात्रों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली पानी की सप्लाई दूषित हो गई। बंदर के शव हॉस्टल नंबर 7 की ओवरहेड पानी की टंकी में मिला।
यह मामला तब सामने आया जब हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्रों ने पानी में बदबू आने की शिकायत की, साथ ही उन्हें उल्टी और पेट दर्द की समस्या भी हुई। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ
अमृता गांगुली ने बताया कि 80 में 40 छात्रों ने उल्टी और पेट दर्द जैसी हल्की बीमारियों की, जबकि तीन छात्रों को डायरिया की समस्या हुई।
छात्रों का इलाज कॉलेज के पास स्थित सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल में कराया गया। प्रिंसिपल ने बताया कि मंगलवार को ओपोलो अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टर कॉलेज पहुंचे और हॉस्टल में रहने वाले सभी 80 छात्रों का ब्लड टेस्ट किया। उन्होंने आशंका जताई कि बंदर शुक्रवार रात को टंकी में डूब गया था, क्योंकि शनिवार को ही कुछ छात्रों ने पेट दर्द की शिकायत करनी शुरू कर दी थी।
उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट कर दिया गया है, और पानी की टंकी को साफ करके कीटाणुमुक्त कर दिया गया है। इस घटना ने AEC परिसर में बंदरों के आतंक की पुरानी समस्या की ओर भी ध्यान खींचा है।