हमारे पूर्वजों के लिए आसमान से आने वाला ख़तरा कितना बड़ा था? विशालकाय चील बच्चों को उठा ले जाते थे. वैज्ञानिकों का मानना है कि इन शिकारी पक्षियों से बचने की कोशिशों ने इंसानों के शारीरिक और सामाजिक विकास को प्रभावित किया. लेकिन ये पक्षी आख़िर ख़त्म कैसे हुए?
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- चेतावनी: इस कहानी में कुछ ऐसी बातें हैं, जो पाठकों को परेशान कर सकती हैं
- डायनासोर का अंत करने वाला उल्कापिंड जब धरती से टकराया, तो उसके बाद करोड़ों साल तक आसमान में विशाल पक्षियों का राज रहा
- वे उस समय के सबसे ताक़तवर शिकारियों में शामिल थे और इंसान भी उनका शिकार बनते थे
डायनासोर का अंत करने वाला उल्कापिंड जब धरती से टकराया, तो उसके बाद करोड़ों साल तक आसमान में विशाल पक्षियों का राज रहा
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
वे उस समय के सबसे ताक़तवर शिकारियों में शामिल थे और इंसान भी उनका शिकार बनते थे
हमारे प्राचीन पूर्वजों का तीन साल का एक बच्चा दक्षिण अफ़्रीका के घास के मैदान में घूम रहा था
ऑस्ट्रेलोपिथेकस अफ़्रीकानस प्रजाति के इस बच्चे को पता नहीं था कि आसमान से कोई उसे देख रहा है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
यह पक्के तौर पर नहीं मालूम कि उस बच्चे को किस पक्षी ने खाया था
उसे अब "ताउंग चाइल्ड" के नाम से जाना जाता है
लेकिन उसकी आंखों के नीचे मिले गहरे निशान चील के पंजों से होने वाले निशानों जैसे हैं
वे शिकार का कुछ हिस्सा पेड़ पर रख देते हैं और बाकी अपने घोंसले में ले जाते हैं
उस समय शुरुआती इंसानों के आसपास कई विशाल जानवर रहते थे