पिंक टैक्स: महिलाओं के रेजर पर पांच गुना तक ज्यादा कीमत वसूलने का आरोप, जिलेट इंडिया के सीईओ को नोटिस
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- पिंक टैक्स: महिलाओं के रेजर पर पांच गुना तक ज्यादा कीमत वसूलने का आरोप, जिलेट इंडिया के सीईओ को नोटिस
क्षिप्रा माथुर ने यह शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह के माध्यम से परिवाद पेश किया। आयोग ने कंपनी से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर 2026 को होगी। यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 35 के तहत दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता ने कोटा के एक बिक्री केंद्र से जिलेट के दो रेजर खरीदे थे। इनमें एक पुरुषों के लिए था और दूसरा महिलाओं के लिए। दोनों रेजर का इस्तेमाल शरीर के अनचाहे बाल हटाने के लिए होता है। जांच और इस्तेमाल के दौरान दोनों की कार्यक्षमता समान पाई गई। इसके बावजूद महिलाओं वाले रेजर की कीमत काफी ज्यादा थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने केवल गुलाबी रंग और अलग मार्केटिंग के आधार पर ज्यादा कीमत रखी है। क्या है पिंक टैक्स और जिलेट पर क्या आरोप हैं? पिंक टैक्स का मतलब है महिलाओं के उत्पादों पर ज्यादा कीमत वसूलना। ऐसा तब होता है, जब पुरुषों और महिलाओं के उत्पाद का काम एक जैसा हो। शिकायतकर्ता के अनुसार, जिलेट के दोनों रेजर की कार्यक्षमता समान है। फिर भी महिलाओं वाले रेजर की कीमत चार से छह गुना ज्यादा है। अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह ने इसे अनुचित व्यापार व्यवहार बताया है। उनका कहना है कि केवल रंग और मार्केटिंग के आधार पर ज्यादा कीमत लेना गलत है। शिकायत में इसे उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 2(47) का उल्लंघन बताया गया है। इस धारा में भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार से जुड़े प्रावधान हैं। शिकायतकर्ता ने इसे महिलाओं के साथ आर्थिक भेदभाव भी बताया है। कंपनी के किन अधिकारियों को नोटिस जारी हुआ? कोटा जिला उपभोक्ता आयोग ने मामले में तीन अधिकारियों को नोटिस भेजा है। इनमें जिलेट इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ कुमार वेंकटसुब्रमणियन शामिल हैं। कंपनी की चेयरपर्सन अंजुली चिब दुग्गल को भी नोटिस जारी हुआ है। निदेशक संजय अशर को भी जवाब देने के लिए कहा गया है। यह मामला आयोग में प्रकरण संख्या 22/2026 के तहत दर्ज है। आयोग ने सभी पक्षों को जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके लिए 16 दिसंबर 2026 की तारीख तय की गई है। अभी आयोग ने आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं दिया है। क्या पिंक टैक्स महिलाओं के उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है? इस शिकायत में महिलाओं से ज्यादा कीमत वसूलने का मुद्दा उठाया गया है। सवाल है कि समान काम करने वाले दो उत्पादों की कीमत अलग क्यों है। शिकायतकर्ता का कहना है कि केवल रंग और मार्केटिंग के आधार पर ज्यादा पैसे लेना गलत है। अब कंपनी को बताना होगा कि महिलाओं वाले रेजर की कीमत अधिक क्यों रखी गई। क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या उत्पादन संबंधी कारण है? या कीमत में अंतर सिर्फ मार्केटिंग की वजह से है? आयोग में 16 दिसंबर को होने वाली सुनवाई में कंपनी का जवाब अहम होगा। इसके बाद ही मामले की आगे की दिशा साफ होगी।