भिलाई के रहने वाले सौरभ चंद्राकर पर अपने एक साथी रवि उप्पल के साथ ‘महादेव गेमिंग-बेटिंग’ नामक ऑनलाइन सट्टेबाज़ी ऐप का दुबई से संचालन करने का आरोप है, जिसका सालाना कारोबार 20 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक का बताया गया था.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- बार एंड बेंच के मुताबिक़ राउज़ एवेन्यू कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज निखिल चोपड़ा ने यह आदेश दिया
- चंद्राकर को 1 नवंबर को ओमान से प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया था
- छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक अवैध बेटिंग मामले के मुख्य अभियुक्तों में से एक हैं
चंद्राकर को 1 नवंबर को ओमान से प्रत्यर्पित करके भारत लाया गया था
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक अवैध बेटिंग मामले के मुख्य अभियुक्तों में से एक हैं
जांच एजेंसियों का आरोप है कि चंद्राकर और उनके सहयोगी रवि उप्पल ने भारत के बाहर से एक बड़ा ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट बनाया और चलाया
इसके लिए उन्होंने देश भर में फ्रेंचाइज़ी नेटवर्क के तहत "पैनल" और शाखाएं बनाई थीं
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
आरोप है कि इस सिंडिकेट के ज़रिए खेलों, ताश के खेल और दूसरी गतिविधियों पर सट्टेबाज़ी कराई जाती थी
इससे मिलने वाले पैसे को म्यूल बैंक खातों और हवाला के ज़रिए इधर-उधर भेजा जाता था
ओमान में चंद्राकर का पता चलने के बाद इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था
इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने ओमान के अधिकारियों के सामने उनके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रस्ताव रखे
सीबीआई ने उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की और रविवार, 1 नवंबर को उन्हें भारत लेकर आई