अमेरिका और इसराइल ने दावा किया है कि उनके हमलों से ईरानी सेना को काफ़ी नुक़सान हुआ है. जबकि ईरान ने कहा है कि उसके पास अब भी बड़ी संख्या में मिसाइलों का भंडार मौजूद है.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान अपने दो बड़े मिसाइल ठिकानों के पास बड़े पैमाने पर नया निर्माण कार्य कर रहा है
- इस साथ ही, वो कई महीनों तक चले अमेरिकी और इसराइली हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त हुए सैन्य ठिकानों की मरम्मत भी कर रहा है
- ब्रिटिश इंटेलिजेंस एजेंसी यानी एमएआईएआर के विशेषज्ञों ने सैटेलाइट तस्वीरों की समीक्षा के बाद, बीबीसी वेरिफ़ाई को इसकी जानकारी दी है
इस साथ ही, वो कई महीनों तक चले अमेरिकी और इसराइली हवाई हमलों में क्षतिग्रस्त हुए सैन्य ठिकानों की मरम्मत भी कर रहा है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
ब्रिटिश इंटेलिजेंस एजेंसी यानी एमएआईएआर के विशेषज्ञों ने सैटेलाइट तस्वीरों की समीक्षा के बाद, बीबीसी वेरिफ़ाई को इसकी जानकारी दी है
एजेंसी ने बताया कि नवंबर में ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में तेहरान के पास करज स्थित गारमदारेह सैन्य ठिकाने और उत्तर में स्थित शाहरूद बेस पर खुदाई और नई इमारतों के निर्माण कार्य के संकेत दिखाई दिए हैं
इसके अलावा, "कम से कम 12 अन्य सैन्य ठिकानों में भी मरम्मत के संकेत मिले हैं
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
इनमें मिसाइल कॉम्प्लेक्स और हवाई अड्डे शामिल हैं."
"इराक़ सीमा के पास पश्चिमी ईरान में स्थित केरमानशाह मिसाइल बेस पर नष्ट हुई इमारतों पर नई छतें बनाई गई हैं."
"राजधानी के पूर्व में स्थित पर्चिन सैन्य बेस में क्षतिग्रस्त इमारतों के मलबे को हटा दिया गया है
यह वही बेस है जिसकी हवाई हमलों के बाद कई बार मरम्मत की गई है."
ईरान पर नज़र रखने वाले सीआईए के पूर्व विश्लेषक जिम लैमसन ने कहा, "शाहरूद के पास हो रही खुदाई का संबंध मिसाइल निर्माण से हो सकता है."