पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बैंक डकैती की ऐसी योजना बनाई थी, जिसके आधार पर उन्हें लगा था कि वे पकड़े नहीं जाएंगे. लेकिन डेढ़ साल बाद पुलिस ने उनका पता लगा लिया.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अपनी तरफ से बैंक डकैती की ऐसी योजना बनाई थी, जिसके आधार पर उन्हें लगा था कि वे पकड़े नहीं जाएंगे
- लेकिन पुलिस ने क़रीब डेढ़ साल बाद उनका पता लगा लिया
- यह कहानी पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लसबेला ज़िले के ओथल इलाक़े में पिछले साल हुई बैंक डकैती की है
लेकिन पुलिस ने क़रीब डेढ़ साल बाद उनका पता लगा लिया
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
यह कहानी पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के लसबेला ज़िले के ओथल इलाक़े में पिछले साल हुई बैंक डकैती की है
पुलिस के मुताबिक़, हथियारबंद लोग 20 करोड़ 20 लाख पाकिस्तानी रुपये लूटकर फरार हो गए थे
डकैती करने वालों ने गिरफ़्तारी से बचने के लिए पूरी योजना बनाई थी
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
वे सुरक्षा बलों की वर्दी पहनकर बैंक में किसी लेनदेन की जांच करने के बहाने दाख़िल हुए थे
लसबेला के एसएसपी नजीबुल्लाह पंदरानी के मुताबिक़, जांच के दौरान मुख्य अभियुक्त के बैंक खाते से एक अहम सुराग मिला
उन्होंने कहा, "डकैती से पहले उनके खाते में हज़ारों रुपये के लेनदेन होते थे, लेकिन वारदात के बाद यह रकम करोड़ों रुपये तक पहुंच गई."
मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बीबीसी उर्दू को बताया कि अभियुक्तों में से एक व्यक्ति पहले बैंक में नौकरी कर चुका था
इस वजह से उसे पता था कि बैंक में नकदी कहां रखी जाती है और किस तरह ज़्यादा से ज़्यादा रकम तक पहुंचा जा सकता है