LIVE गुरु, 5 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
गुरुवार, 5 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 79,310.01 +2392.11 (+3.11%)
निफ्टी 50 24,536.6 +725.80 (+3.05%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹94.47
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
cricket तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 0 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

अमान्य मदरसों पर कई राज्यों में सरकारों की सख्ती से हजारों बच्चों को भविष्य बचा बर्बाद होने से

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: गुरु, 5 नव॰ 2026, 11:45 am
समाचार एजेंसी Dainik Jagran
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

अमान्य मदरसों पर कई राज्यों में सरकारों की सख्ती से हजारों बच्चों को भविष्य बचा बर्बाद होने से
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

कई राज्यों में बिना सरकारी मान्यता और अनियमितताओं के चल रहे मदरसों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। इसका उद्देश्य बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना, उन्हें बेहतर शिक्षा देना और फर्जी संस्थानों के संचालकों की जवाबदेही तय करना है।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • कई राज्यों में बिना सरकारी मान्यता और अनियमितताओं के चल रहे मदरसों पर सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। ...और पढ़ें
  • बिना मान्यता मदरसों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं और फर्जीवाड़े।
  • यूपी, बंगाल, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हुई कार्रवाई।

बिना मान्यता मदरसों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं और फर्जीवाड़े।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

यूपी, बंगाल, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हुई कार्रवाई।

बच्चों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित करना मुख्य उद्देश्य।

धर्मेंद्र सिंह, नई दिल्ली। प्रत्येक बच्चे का सपना होता है कि उसे अच्छी शिक्षा मिले, वह आगे बढ़े और अपने परिवार का सहारा बने। इस सपने की बुनियाद जिस संस्थान में रखी जा रही हो, उसकी अपनी व्यवस्था ही सवालों के घेरे में हो तो बच्चे का भविष्य कैसे सुरक्षित रह सकता है। कई राज्यों में बिना सरकारी मान्यता और जरूरी पंजीकरण के संचालित हो रहे मदरसों की पड़ताल में कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आई है।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

कहीं बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों की योग्यता संदिग्ध मिली तो कहीं संस्थानों के पास अपनी जमीन और भवन तक नहीं थे। कई जगह प्रबंधन समितियों के दस्तावेज फर्जी पाए गए और वित्तीय लेनदेन में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। ऐसे संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके भविष्य की जवाबदेही आखिर किसकी थी।

यह सवाल सरकार और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय था। बच्चों को ऐसे संस्थानों के भरोसे छोड़ देना उनके भविष्य के साथ जोखिम लेने जैसा था। इसी गंभीरता को समझते हुए उत्तर प्रदेश, बंगाल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान समेत कई राज्यों में सरकारों ने कार्रवाई शुरू की है। कहीं मदरसों को सील किया गया, कहीं बंद करने के नोटिस जारी हुए तो कहीं बच्चों को दूसरे संस्थानों में पहुंचाया गया।

यह कार्रवाई केवल नियमों का पालन कराने तक सीमित नहीं है, इसका बड़ा उद्देश्य उन बच्चों को ऐसी व्यवस्था से निकालना है, जहां उनकी शिक्षा और भविष्य की कोई सुनिश्चित गारंटी नहीं थी।

बंगाल में अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग की ओर से 22 जिलों और कोलकाता में कराए गए सर्वेक्षण में 2396 मदरसे बिना जरूरी सरकारी पंजीकरण अथवा मान्यता के संचालित होते मिले। इनमें 252 को तत्काल बंद करने का नोटिस जारी किया गया, जबकि 100 को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

सर्वेक्षण में केवल कागजी मान्यता ही नहीं, बच्चों की संख्या, शिक्षकों की योग्यता, प्रबंधन, भवन और वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल की गई। जिला प्रशासन की रिपोर्ट का दोबारा सत्यापन करने के लिए राज्य स्तर पर निरीक्षण दल लगाए गए हैं। जिन संस्थानों में बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं थीं, वहां उनका भविष्य किस भरोसे सुरक्षित रहता। सरकार अब पंजीकरण, सत्यापन और निरीक्षण की स्पष्ट व्यवस्था बनाने की तैयारी में है।

रिपोर्टिंग स्रोत: Dainik Jagran मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें