चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा की है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- चुनाव आयोग ने छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा की है।
- चुनाव आयोग ने एसएसआर की घोषणा की। (फाइल फोटो।)
- चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में SSR की घोषणा की।
चुनाव आयोग ने एसएसआर की घोषणा की। (फाइल फोटो।)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में SSR की घोषणा की।
युवाओं और पहली बार के मतदाताओं पर विशेष ध्यान।
अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को जारी होगी।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने गुरुवार को छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में मतदाता सूचियों के विशेष सारांश पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा की।
इस कवायद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हों, जिसमें युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इसके तहत वे लोग भी पहले से आवेदन कर सकेंगे जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष के हो जाएंगे और मतदान करने के योग्य बन जाएंगे। आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची का मसौदा 30 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 21 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी।
आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि वे इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पर्याप्त जनशक्ति और संसाधन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। यह नई घोषणा चुनाव आयोग द्वारा मई में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत करने के कुछ महीनों बाद आई है।
तीसरे चरण में 16 राज्य और तीन केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे, जिनमें दिल्ली, चंडीगढ़ और दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव शामिल हैं। एसआईआर का उद्देश्य लगभग 36.7 करोड़ मतदाताओं की पात्रता की जांच करना था। इसे कई चरणों में पूरा किया जाना था, जिसमें आयोग ने 2027 की जनगणना के कार्यक्रम और दोनों प्रक्रियाओं में शामिल मैदानी स्तर के कर्मचारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखा था।