लद्दाख़ प्रशासन ने सोनम वांगचुक के संस्थान को दी गई ज़मीन का आवंटन रद्द कर दिया है. अब उनके स्कूल में कक्षाएं शुरू होने के बाद प्रशासन ने रोक लगाने का नोटिस दिया है. वांगचुक की पत्नी का आरोप है कि यह सब उन्हें और उनके पति को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- लद्दाख़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने आरोप लगाया है कि लद्दाख़ प्रशासन उन्हें और उनके पति को सामाजिक और पर्यावरण से जुड़े कामों के लिए निशाना बना रहा है
- वहीं, सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया है कि लद्दाख़ के उपराज्यपाल (एलजी) उनका स्कूल बंद करना चाहते हैं
- ये आरोप ऐसे समय में आए हैं, जब लद्दाख़ प्रशासन के राजस्व विभाग ने 1 नवंबर को गीतांजलि आंगमो को एक नोटिस जारी किया
वहीं, सोनम वांगचुक ने आरोप लगाया है कि लद्दाख़ के उपराज्यपाल (एलजी) उनका स्कूल बंद करना चाहते हैं
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
ये आरोप ऐसे समय में आए हैं, जब लद्दाख़ प्रशासन के राजस्व विभाग ने 1 नवंबर को गीतांजलि आंगमो को एक नोटिस जारी किया
इसमें लेह के ऊंचाई वाले इलाक़े फ्यांग में स्थित 'डेज़र्ट फ्लावर' स्कूल में गतिविधियां शुरू करने पर रोक लगाने को कहा गया है
नोटिस में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों से ज़रूरी मंज़ूरी और सहमति लिए बिना स्कूल में गतिविधियां शुरू की गई हैं
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
स्कूल की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक़, गीतांजलि आंगमो इसकी संस्थापक निदेशक और प्रमुख हैं, जबकि सोनम वांगचुक इसके चार निदेशकों में से एक हैं
आंगमो ने बताया कि सोमवार को पहली बार स्कूल में कक्षाएं शुरू हुई थीं
उन्होंने दावा किया कि स्कूल से जुड़े सभी ज़रूरी दस्तावेज़ पूरे हैं
उन्होंने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "इस नोटिस के ज़रिए हम पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि हम उन मुद्दों पर आवाज़ न उठाएं जिन्हें हम सही मानते हैं
हम इसका विरोध करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि हमें न्याय मिले."