LIVE गुरु, 5 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
गुरुवार, 5 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 79,310.01 +2392.11 (+3.11%)
निफ्टी 50 24,536.6 +725.80 (+3.05%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹94.47
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
cricket तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 0 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

जंतर-मंतर छात्र प्रोटेस्ट: जांच समिति को मिलीं कम शिकायतें, सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट सौंपने के लिए दिया एक महीने का समय

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: गुरु, 5 नव॰ 2026, 11:25 am
समाचार एजेंसी Dainik Jagran
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

जंतर-मंतर छात्र प्रोटेस्ट: जांच समिति को मिलीं कम शिकायतें, सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट सौंपने के लिए दिया एक महीने का समय
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर छात्र विरोध-प्रदर्शन हिंसा की जांच कर रही उच्च स्तरीय समिति को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय दिया है।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर छात्र विरोध-प्रदर्शन हिंसा की जांच कर रही उच्च स्तरीय समिति को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय दिया है।
  • सुप्रीम कोर्ट ने जांच समिति को एक माह का समय दिया।
  • सुप्रीम कोर्ट ने जांच समिति को एक माह का समय दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने जांच समिति को एक माह का समय दिया।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

सुप्रीम कोर्ट ने जांच समिति को एक माह का समय दिया।

जंतर-मंतर हिंसा जांच में कम शिकायतें और साक्ष्य मिले।

समिति को सभी लंबित याचिकाएं और सबूत सौंपे जाएंगे।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा की जांच के लिए गठित हाई पावर्ड इंक्वायरी कमिटी को प्रभावित लोगों की तरफ से बहुत कम शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

पर्याप्त जानकारी और साक्ष्यों के अभाव के चलते समिति अब तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। इसे देखते हुए शीर्ष अदालत ने समिति को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक महीने की अतिरिक्त मोहलत दी है।

चीफ जस्टिस और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि जंतर-मंतर हिंसा से संबंधित सभी लंबित याचिकाएं, वीडियो फुटेज और शिकायतें सीधे जांच समिति को सौंपी जाएं ताकि जांच को गति मिल सके।

छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने इस हाई-पावर्ड कमेटी का गठन किया था। समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर

समिति के अन्य सदस्यों में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा, दिल्ली हाई कोर्ट की पूर्व न्यायधीश शलिंदर कौर, CBI के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के सेवानिवृत्त DGP एल.आर

रिपोर्टिंग स्रोत: Dainik Jagran मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें