ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दी है। इस फैसले से भारतीय शिपिंग को राहत मिलेगी।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दी है। इस फैसले से भारतीय शिपिंग को राहत मिलेगी।
- होर्मुज से बिना रोक-टोक गुजरेंगे भारतीय जहाज। (रॉयटर्स)
- ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य में छूट दी।
होर्मुज से बिना रोक-टोक गुजरेंगे भारतीय जहाज। (रॉयटर्स)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य में छूट दी।
भारत से दवाओं के आयात के लिए यह फैसला लिया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली से पहले ईरान से भारत के लिए अच्छी खबर आई है। ईरान ने भारत, चीन, इराक और कतर के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दे दी है। तेहरान का कहना है कि यह व्यवस्था आपसी हितों को ध्यान में रखकर की गई है, जिसमें भारत से दवाओं का आयात और चीन से मिलने वाला राजनीतिक समर्थन शामिल है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
ईरान के एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि यह व्यवस्था इन चार देशों के साथ तेहरान के हितों से जुड़ी है। ऐसे समय में जब यह रणनीतिक जलमार्ग ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष में उलझा हुआ है, इस घोषणा से भारतीय शिपंग को कुछ राहत मिल सकती है।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के उपाध्यक्ष, अमीर हयात मोकद्दम ने मंगलवार को 'ईरानियन स्टूडेंट्स न्यूज एजेंसी' को दिए एक इंटरव्यू में इन छूटों के बारे में जानकारी दी।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा कि हमने फिलहाल भारत, चीन, इराक और कतर को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर लगी पाबंदियों से छूट दी है। इन देशों के जहाज बिना किसी रोक-टोक के गुजर सकते हैं और अमेरिका भी उन्हें नहीं रोक सकता है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य तक पहुंच का इस्तेमाल कुछ चुनिंदा देशों के साथ अपने आर्थिक और राजनयिक संबंधों को मजबूत करने के लिए कर रहा है, जबकि अन्य जहाजों पर पाबंदियां अभी भी लागू हैं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस व्यवस्था के पीछे एक बड़ा कारण तेहरान की जरूरी दवाओं की जरूरत भी है। प्रतिबंधों और चल रहे संघर्षों के कारण, ईरान को कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों और वित्तीय माध्यमों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
भारत, जिसका दवा निर्माण क्षेत्र काफी बड़ा है, दवाओं और चिकित्सा उत्पादों का एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है। भारतीय जहाजों को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति देकर, तेहरान भारत से अपनी जरूरत का सामान आसानी से मंगा सकता है।