नींद इंसानी जीवन का ज़रूरी हिस्सा है, मगर किसे कितनी कम या ज़्यादा नींद की ज़रूरत होगी, यह काफ़ी हद तक उसके जीन पर भी निर्भर करता है. इस रिपोर्ट में आप पढ़ेंगे कि कुछ लोग सिर्फ़ चार घंटे सोने के बावजूद थकान महसूस क्यों नहीं करते और स्वस्थ कैसे रहते हैं.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- कुछ लोग सच में बहुत कम सोकर भी बिल्कुल ठीक रहते हैं
- लेकिन यह पता लगाना आसान नहीं है कि आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं या सिर्फ़ आपको ऐसा लगता है
- एमी प्यू बर्नार्ड को जहां तक याद है, उन्हें कभी बहुत ज़्यादा नींद की ज़रूरत नहीं पड़ी
लेकिन यह पता लगाना आसान नहीं है कि आप भी उन्हीं लोगों में से एक हैं या सिर्फ़ आपको ऐसा लगता है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
एमी प्यू बर्नार्ड को जहां तक याद है, उन्हें कभी बहुत ज़्यादा नींद की ज़रूरत नहीं पड़ी
आज भी वह आमतौर पर रात करीब 10 बजे सो जाती हैं और सुबह साढ़े चार बजे उठ जाती हैं
वह कहती हैं, "मेरी नींद पूरी तरह खुल जाती है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
फिर मैं बिस्तर में पड़ी नहीं रह सकती." बिस्तर पर पहुंचने के बाद उन्हें कभी-कभी तुरंत नींद नहीं आती
इसके बावजूद अगली सुबह वह थकी हुई नहीं, बल्कि ऊर्जा से भरी होती हैं
बर्नार्ड अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलोराडो में इम्यूनोलॉजी की प्रोफ़ेसर हैं
सुबह उठकर वह अपने कुत्ते को घुमाने ले जाती हैं
इतना ही नहीं, सुबह आठ बजे से पहले वह डेढ़ घंटे काम भी कर चुकी होती हैं