सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मणिपुर यौन हिंसा मामले की तीसरी पीड़िता की गवाही गुवाहाटी की विशेष ट्रायल कोर्ट में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मणिपुर यौन हिंसा मामले की तीसरी पीड़िता की गवाही गुवाहाटी की विशेष ट्रायल कोर्ट में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
- मणिपुर यौन हिंसा मामले में पीड़िता की गवाही सुनिश्चित करे सीबीआई।
- सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को तीसरी पीड़िता की गवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मणिपुर यौन हिंसा मामले में पीड़िता की गवाही सुनिश्चित करे सीबीआई।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को तीसरी पीड़िता की गवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
गवाही गुवाहाटी की विशेष ट्रायल कोर्ट में 13, 16, 19 नवंबर को दर्ज होगी।
यह मामला मणिपुर में हुई यौन हिंसा और सामूहिक दुष्कर्म से संबंधित है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीबीआई को मणिपुर यौन हिंसा मामले की तीसरी पीड़िता की गवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता का बयान गुवाहाटी की विशेष ट्रायल कोर्ट में तय तारीखों पर दर्ज कराया जाए।
यह घटना चार मई, 2023 की है। मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान थौबल जिले में भीड़ ने कथित तौर पर कुकी-जो समुदाय की तीन महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया था। आरोप है कि इनमें से दो महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। घटना के दौरान पीड़िताओं में से एक पीड़िता के पिता और भाई की भी कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जायमाल्या बागची तथा जस्टिस वी
मोहना की पीठ ने इस बात को रिकार्ड में दर्ज किया कि इस मामले में शिकायतकर्ता के अलावा तीन पीड़ित महिलाएं हैं। इनमें से एक महिला की गवाही पूरी हो चुकी है और उससे बचाव पक्ष की जिरह भी हो चुकी है, जबकि दूसरी पीड़िता का बयान दर्ज किया जा रहा है।
पीठ ने सीबीआई को निर्देश दिया कि तीसरी पीड़िता की गवाही भी विशेष अदालत में 13, 16 और 19 नवंबर को दर्ज कराई जाए। ये तारीखें विशेष न्यायाधीश ने तय की हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर के बाद होगी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजा ठाकरे ने बताया कि कोर्ट के निर्देश के अनुसार मामले की सुनवाई जारी है।