गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में कटे नामों में से तीन करोड़ वोटर घुसपैठिए हैं, जिनका कोई अता-पता नहीं चला।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में कटे नामों में से तीन करोड़ वोटर घुसपैठिए हैं, जिनका कोई अता-पता नहीं चला।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। (फोटो- पीटीआई।)
- गृह मंत्री अमित शाह ने 3 करोड़ घुसपैठियों का दावा किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। (फोटो- पीटीआई।)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
गृह मंत्री अमित शाह ने 3 करोड़ घुसपैठियों का दावा किया।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में नाम कटे।
कांग्रेस पर घुसपैठियों को वोटबैंक बनाने का आरोप।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
नीलू रंजन, नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कटे नामों में से तीन करोड़ वोटर घुसपैठिए हैं। एसआईआर अभियान के दौरान उनका कोई अता-पता ही नहीं चला।
उन्होंने घुसपैठियों को कांग्रेस का वोटबैंक बताते हुए कहा कि राहुल गांधी जितना भी जोर लगा लें, भाजपा एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर निकालकर रहेगी। ऐसे तीन करोड़ लोग हैं।
हैदराबाद में "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने यह सनसनीखेज रहस्योद्घाटन किया। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची से हटाए गए नामों पर पूरी जानकारी देने के बावजूद बार-बार विपक्षी दलों के 13 करोड़ वोट काटे जाने के विपक्षी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया।
शाह ने कहा कि विपक्ष के आरोप सरासर झूठ हैं। सच्चाई यह है कि इन 13 करोड़ मतदाताओं में से करीब सवा छह करोड़ लोग ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से दूसरी जगह रहने चले गए हैं। इसके अलावा करीब 2.80 करोड़ लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
उन्होंने कटाक्ष किया कि जिन लोगों की मृत्यु हो गई है, उसके नाम पर कौन वोट देगा? जाहिर है कांग्रेस फर्जी मतदान के जरिये चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने बताया कि लगभग एक करोड़ वोट ऐसे हैं, जिनकी डुप्लीकेट एंट्री है। इसके बाद बचते हैं लगभग तीन करोड़ वोट, जो वास्तव में मौजूद ही नहीं हैं। उनके अनुसार इनमें बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल हैं।