भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि साइक्लोन मुरासु की आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की प्रक्रिया जारी है. चक्रवात के आगे वाले हिस्से में वॉल क्लाउड का बड़ा भाग ज़मीन पर दस्तक दे चुका है.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- मौसम विभाग ने बताया है कि साइक्लोन मुरासु की आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की प्रक्रिया जारी है
- मौसम विभाग के मुताबिक़ चक्रवात के आगे वाले हिस्से में वॉल क्लाउड का बड़ा भाग ज़मीन पर दस्तक दे चुका है
- वॉल क्लाउड एक ऐसा बादल होता है जो बहुत तेज़ तूफ़ान के दौरान मुख्य बादल के निचले हिस्से में दिखाई देता है
मौसम विभाग के मुताबिक़ चक्रवात के आगे वाले हिस्से में वॉल क्लाउड का बड़ा भाग ज़मीन पर दस्तक दे चुका है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
वॉल क्लाउड एक ऐसा बादल होता है जो बहुत तेज़ तूफ़ान के दौरान मुख्य बादल के निचले हिस्से में दिखाई देता है
यह आमतौर पर तूफ़ान के उस हिस्से के ठीक नीचे बनता है, जहाँ बारिश नहीं हो रही होती
भीषण चक्रवाती तूफ़ान मुरासु पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट के क़रीब मौजूद है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एमडी और आरटीजीएस के सीईओ प्रखर जैन ने सोमवार को कहा कि चक्रवात के तट पार करने के दौरान 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलेंगी
सोमवार सुबह विशाखापत्तनम के ऋषिकोंडा तट पर चक्रवात 'मुरासु' के प्रभाव से एक नाव मुश्किल में फंस गई
अधिकारियों ने बताया कि नेल्लोर में भी एक नाव फंस गई थी, जिसमें सवार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है
अधिकारियों ने सलाह दी है कि स्थिति सामान्य होने तक कोई भी मछुआरा मछली पकड़ने के लिए समुद्र में न जाए
तूफ़ान के प्रभाव से तटीय इलाक़ों में मौसम पहले ही बदल चुका है और भारी बारिश हो रही है