त्रिपुरा में वाम मोर्चा और कांग्रेस 27 नवंबर को होने वाले निकाय चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य भाजपा विरोधी वोटों के बंटवारे को रोकना है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- त्रिपुरा में वाम मोर्चा और कांग्रेस 27 नवंबर को होने वाले निकाय चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य भाजपा विरोधी वोटों के बंटवारे को रोकना है।
- त्रिपुरा निकाय चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे वाम मोर्चा और कांग्रेस
- वाम मोर्चा और कांग्रेस त्रिपुरा निकाय चुनाव साथ लड़ेंगे।
त्रिपुरा निकाय चुनाव साथ मिलकर लड़ेंगे वाम मोर्चा और कांग्रेस
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
वाम मोर्चा और कांग्रेस त्रिपुरा निकाय चुनाव साथ लड़ेंगे।
गठबंधन का लक्ष्य भाजपा विरोधी वोटों का बंटवारा रोकना है।
अगरतला नगर निगम सहित 21 शहरी निकायों में चुनाव होंगे।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
डिजिटल डेस्क, अगरतला। माकपा के नेतृत्व वाला वाम मोर्चा और कांग्रेस त्रिपुरा में 27 नवंबर को होने वाले निकाय चुनाव साथ मिलकर लड़ने जा रहे हैं। इसका मकसद भाजपा विरोधी वोटों का बंटवारा रोकना है।
वामपंथी नेता जितेंद्र चौधरी ने सोमवार को यह जानकारी दी। 27 नवंबर को अगरतला नगर निगम (एएमसी) समेत 21 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव होंगे। त्रिपुरा विधानसभा में नेता विपक्ष चौधरी ने कहा कि दोनों दलों के बीच चुनावी समझौते को अंतिम रूप राज्य कांग्रेस नेताओं के नई दिल्ली से लौटने के बाद दिया जाएगा।
ये नेता मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध आइएनडीआइए की रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली में हैं।
उन्होंने कहा कि माकपा ने राजनीतिक रूप से अहम एएमसी के 51 में से 26 वार्डों के लिए नामांकन पत्र पहले ही दाखिल कर दिए हैं। प्रस्तावित सीट-बंटवारे के तहत बाकी 25 वार्ड कांग्रेस के लिए छोड़े गए हैं।
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