सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में निचली अदालत में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद लंबित याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में निचली अदालत में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद लंबित याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।
- सुप्रीम कोर्ट ने निपटाईं चढ़ावा चोरी से जुड़ी याचिकाएं
- सुप्रीम कोर्ट ने चढ़ावा चोरी याचिकाओं का निस्तारण किया।
सुप्रीम कोर्ट ने निपटाईं चढ़ावा चोरी से जुड़ी याचिकाएं
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने चढ़ावा चोरी याचिकाओं का निस्तारण किया।
निचली अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हुआ।
याचिकाकर्ताओं को न्यायिक मजिस्ट्रेट की मदद की अनुमति।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि चढ़ावा चोरी मामले में निचली अदालत में आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो जाने को देखते हुए शीर्ष कोर्ट में लंबित याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।
सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चोरी की घटनाएं मुख्यतः चढ़ावा गणना के दौरान हुईं।
इसके बाद शीर्ष अदालत मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली लंबित याचिकाओं का निस्तारण करते हुए अपने आदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य ने स्थिति रिपोर्ट दाखिल की है जिसके अनुसार आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है।
जिसे देखते हुए रिट याचिकाओं और उससे जुड़े अन्य मामलों का निस्तारण किया जाता है, संबंधित अदालत कानून के मुताबिक आगे कार्यवाही करेगी।
ये आदेश प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दाखिल स्थिति रिपोर्ट पर गौर करने के बाद दिए। सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल हुई थी जिनमें राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के आदेश देने की मांग की गई थी।