LIVE सोम, 2 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
सोमवार, 2 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 75,692.78 +1233.25 (+1.66%)
निफ्टी 50 23,440.8 +387.70 (+1.68%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹94.89
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
breaking तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 0 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

CRPF ने रचा इतिहास: 12 महीने में नहीं गई किसी भी जवान की जान, 47 साल बाद हुआ ऐसा

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: सोम, 2 नव॰ 2026, 06:06 pm
समाचार एजेंसी Dainik Jagran
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

CRPF ने रचा इतिहास: 12 महीने में नहीं गई किसी भी जवान की जान, 47 साल बाद हुआ ऐसा
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

सीआरपीएफ ने 47 साल बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहां लगातार 12 महीनों तक किसी भी अभियान में कोई जवान शहीद नहीं हुआ।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • सीआरपीएफ ने 47 साल बाद एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जहां लगातार 12 महीनों तक किसी भी अभियान में कोई जवान शहीद नहीं हुआ।
  • सीआरपीएफ ने लगातार 12 महीने तक कोई जवान नहीं खोया।
  • आधुनिक उपकरण और बेहतर प्रशिक्षण रहे सफलता के कारण।

सीआरपीएफ ने लगातार 12 महीने तक कोई जवान नहीं खोया।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

आधुनिक उपकरण और बेहतर प्रशिक्षण रहे सफलता के कारण।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की आंतरिक सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सीआरपीएफ के जवानों ने लगातार 12 महीने यानी पूरे एक साल तक किसी भी अभियान में अपने किसी साथी को नहीं खोया। इसका मतलब है कि एक साल में सीआरपीएफ को अपने किसी भी अभियान में किसी जवान की जान नहीं गंवानी पड़ी।

बता दें कि आखिरी बार 30 अक्टूबर 2025 को सीआरपीएफ के जवान ने अभियान के दौरान वीरगति प्राप्त की थी। सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह के अनुसार 47 साल बाद यह उपलब्धि हासिल हुई है। इससे पहले जनवरी 1979 में यह रिकार्ड बना था।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

सीआरपीएफ के महानिदेशक ने एक्स पर पोस्ट कर इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि आधुनिक और अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, बेहतर प्रशिक्षण, रणनीतिक योजना और अभियान के बाद तत्काल चिकित्सा सहायता ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों समेत सभी प्रमुख मोर्चों पर तैनाती के बावजूद सीआरपीएफ ने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।

रिपोर्टिंग स्रोत: Dainik Jagran मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें