फनी जोक्स: अगर आप भी हंसना-हंसाना पसंद करते हैं और अपने दिन की शुरुआत ठहाकों के साथ करना चाहते हैं, तो आपके लिए मजेदार और वायरल जोक्स लेकर आए हैं। इन चुटकुलों को पढ़कर आपकी हंसी नहीं रुकेगी।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- फनी जोक्स: अगर आप भी हंसना-हंसाना पसंद करते हैं और अपने दिन की शुरुआत ठहाकों के साथ करना चाहते हैं, तो आपके लिए मजेदार और वायरल जोक्स लेकर आए हैं। इन चुटकुलों को पढ़कर आपकी हंसी नहीं रुकेगी। यहां आपको पति-पत्नी के मजेदार जोक्स, मिलेंगे जिन्हें पढ़कर आप लोटपोट हो जाएंगे। यह जोक्स आपको हंसा हंसाकर लोटपोट कर देंगे। लुंगी पहनी देहाती लड़की को पेड़ पर बैठा देख एक आंटी बोली..
- वहां क्यों बैठी है? लड़की-सेब खाने महिला-पर यह तो आम का पेड़ है! लड़की- ओ, आंटी, चौधराईन मत बनो सेब लेकर आई हूं..
- पत्नी- ये रैगिंग किसे कहते हैं? पति- ये जो तुम हर मैरिज एनिवर्सरी, करवाचौथ और जन्मदिन पर जबरदस्ती गिफ्ट मांगती हो ना, उसे ही अंग्रेजी में रैगिंग कहते हैं..
वहां क्यों बैठी है? लड़की-सेब खाने महिला-पर यह तो आम का पेड़ है! लड़की- ओ, आंटी, चौधराईन मत बनो सेब लेकर आई हूं..
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
पत्नी- ये रैगिंग किसे कहते हैं? पति- ये जो तुम हर मैरिज एनिवर्सरी, करवाचौथ और जन्मदिन पर जबरदस्ती गिफ्ट मांगती हो ना, उसे ही अंग्रेजी में रैगिंग कहते हैं..
पापा- बेटा, अमेरिका में 15 साल के बच्चे भी अपने पैरों पर खड़े हो जाते हैं। पप्पू- लेकिन पापा, भारत में तो एक साल का बच्चा भागने भी लगता है। जोक्स: तुम हर समय मोबाइल में क्यों लगी रहती हो? बेटी ने दिया ऐसा जवाब कि हंस पड़ेंगे आप डॉक्टर - मोटापे का एक ही इलाज है, चिंटू - क्या डॉक्टर...? डॉक्टर - तुम रोज एक रोटी खाओ चिंटू - ये एक रोटी खाने के बाद खानी है या खाने से पहले...? डॉक्टर साहब बेहोश....! जोक्स: टीचर- पास्ट और फ्यूचर टेंस की कोई परिभाषा देकर बताओ, फिर छात्र ने दिया गजब का जवाब एक आदमी ने कंडक्टर से पूछा- आप कितने घंटे बस में रहते हो? कंडक्टर- जी 24 घंटे। आदमी- वो कैसे? कंडक्टर- देखिए, 8 घंटे तो सिटी बस में रहता हूं और बाकी के 16 घंटे बीवी के बस में रहता हूं। (डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)