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भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

हेल्थ अलर्ट: क्या बार-बार मीठा खाने का मन होना डायबिटीज का संकेत है? जानिए एक्सपर्ट की राय

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: सोम, 2 नव॰ 2026, 01:47 am
समाचार एजेंसी Amar Ujala
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हेल्थ अलर्ट: क्या बार-बार मीठा खाने का मन होना डायबिटीज का संकेत है? जानिए एक्सपर्ट की राय
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बार-बार मीठा खाने की इच्छा के पीछे नींद की कमी, तनाव, लंबे समय तक भूखे रहना और हार्मोनल बदलाव जैसे कारण हो सकते हैं। शुगर क्रेविंग को नियंत्रित करने के लिए संतुलित डाइट, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम जरूरी है।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • सेहत को ठीक रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ खान-पान को ठीक रखने की सलाह देते हैं। विशेषतौर पर सभी लोगों को आहार में नमक और चीनी की मात्रा कम रखने की सलाह दी जाती है।ज्यादा मीठी चीजें खाने-पीने से न सिर्फ डायबिटीज का खतरा होता है, साथ ही ये मेटोबॉलिक हेल्थ को भी नुकसान पहुंचाने वाली हो सकती है। .metering_wall_container {min-height:58px;max-height:58px;position:relative;transition:max-height 0.5s ease-in-out;}
  • मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कई बार नींद की कमी, मानसिक तनाव, लंबे समय तक भूखे रहने और खानपान में पोषक तत्वों का असंतुलन शुगर क्रेविंग बढ़ा सकता है।
  • असल में मीठा खाने से दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम एक्टिव होता है जिससे आपको खुशी का अहसास मिलता है। इसलिए लोगों को बार-बार कुछ मीठा खाने की इच्छा होती रहती है। हालांकि परेशानी तब बढ़ती है, जब हर बार मीठे की तलब मिटाने के लिए हम चॉकलेट, मिठाई, बिस्किट या मीठे ड्रिंक्स ज्यादा लेने लगते हैं। इस तरह के खान-पान से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ने लग जाती है जिससे डायबिटीज, मोटापा और कई तरह की बीमारियों का जोखिम हो सकता है।

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कई बार नींद की कमी, मानसिक तनाव, लंबे समय तक भूखे रहने और खानपान में पोषक तत्वों का असंतुलन शुगर क्रेविंग बढ़ा सकता है।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

असल में मीठा खाने से दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम एक्टिव होता है जिससे आपको खुशी का अहसास मिलता है। इसलिए लोगों को बार-बार कुछ मीठा खाने की इच्छा होती रहती है। हालांकि परेशानी तब बढ़ती है, जब हर बार मीठे की तलब मिटाने के लिए हम चॉकलेट, मिठाई, बिस्किट या मीठे ड्रिंक्स ज्यादा लेने लगते हैं। इस तरह के खान-पान से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ने लग जाती है जिससे डायबिटीज, मोटापा और कई तरह की बीमारियों का जोखिम हो सकता है।

जब आपको बार-बार मीठा खाने की तेज इच्छा होती है, तो इसे शुगर क्रेविंग कहते हैं। इसमें आपको  चॉकलेट, मिठाई, केक या मिठाइयां खाने का मन करता है। मीठे खाद्य पदार्थ दिमाग के रिवॉर्ड सिस्टम को एक्टिव करते हैं। इससे डोपामाइन जैसे केमिकल से जुड़ी प्रतिक्रिया होती है, जो खुशी और आनंद का अहसास कराती है। इसी वजह से बार-बार मीठा खाने की इच्छा बढ़ सकती है। इसके लिए कई कारणों को जिम्मेदार माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपको बार-बार मीठा खाने की इच्छा होती रहती है तो इसके लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने जरूरी हैं।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

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