आईएएस प्रांजल यादव वाराणसी एमएलसी चुनाव में पर्यवेक्षक की भूमिका को लेकर फिर चर्चा में हैं, जहां भाजपा ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- आईएएस प्रांजल यादव वाराणसी एमएलसी चुनाव में पर्यवेक्षक की भूमिका को लेकर फिर चर्चा में हैं, जहां भाजपा ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया है।
- प्रांजल यादव वाराणसी एमएलसी चुनाव में पर्यवेक्षक की भूमिका में।
- भाजपा ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया, विरोध प्रदर्शन हुए।
प्रांजल यादव वाराणसी एमएलसी चुनाव में पर्यवेक्षक की भूमिका में।
भाजपा ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया, विरोध प्रदर्शन हुए।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
2014 में पीएम मोदी की रैली अनुमति विवाद से भी जुड़े।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। IAS प्रांजल यादव का नाम फिर एक बार चर्चा में आ गया है। ये वही अधिकारी हैं, जिनका नाम 2014 में वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को लेकर भी सामने आया था।
वहीं अब फिर एक बार वाराणसी MLC चुनाव में आईएएस प्रांजल यादव का नाम सुर्खियों में आ गया है। वाराणसी में MLC चुनाव की मतगणना के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव पर्यवेक्षक प्रांजल यादव की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव में IAS प्रांजल यादव का नाम सामने आने से लोग ये भी जानना चाहते हैं कि आखिर ये अधिकारी हैं कौन, तो आइए जानते हैं।
प्रांजल यादव उत्तर प्रदेश कैडर के 2006 बैच के IAS अधिकारी हैं। वाराणसी में उनका कार्यकाल वर्ष 2013 से शुरू हुआ था। 2014 में लोकसभा चुनाव में वे राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम के चलते चर्चा में आए।