बेंगलुरु के केंपेगौड़ा हवाई अड्डे पर एक शाकाहारी यात्री को वेज बिरयानी में चिकन के टुकड़े मिले, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। एयरपोर्ट ऑपरेटर और रेस्तरां प्रबंधन ने इस गंभीर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- बेंगलुरु के केंपेगौड़ा हवाई अड्डे पर एक शाकाहारी यात्री को वेज बिरयानी में चिकन के टुकड़े मिले, जिससे उनकी धार्मिक ...और पढ़ें
- बेंगलुरु एयरपोर्ट पर वेज बिरयानी में निकला चिकन(फोटो: सोशल मीडिया)
- जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बेंगलुरु एयरपोर्ट पर वेज बिरयानी में निकला चिकन(फोटो: सोशल मीडिया)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरु के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर शनिवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक शाकाहारी यात्री को परोसी गई वेज बिरयानी में चिकन के टुकड़े मिले।
पीड़ित यात्री पीयूष अग्रवाल के मुताबिक, उन्होंने हवाई अड्डे के गेट नंबर 16 और 17 के बीच स्थित टेस्ट ऑफ इंडिया रेस्तरां से वेज बिरयानी का ऑर्डर दिया था। बकायदा बिल में भी साफ तौर पर भी वेज बिरयानी था, लेकिन जब खाना परोसा गया तो उसमें चिकन के टुकड़े निकले, जिसके बाद यात्री ने रेस्तरां प्रबंधन की इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा विरोध जताया।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
पीयूष अग्रवाल ने घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि उनका परिवार पूरी तरह शाकाहारी है और अनजाने में बच्चों ने भी वह खाना खा लिया। उन्होंने कहा कि इससे उनका परिवार मानसिक तनाव में है और उनकी धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।
वायरल वीडियो में पीयूष रेस्तरां के मैनेजर से शिकायत करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और एयरपोर्ट प्रबंधन से मामले की तत्काल जांच करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। यात्री का यह भी आरोप है कि गलती के बावजूद रेस्तरां ने बिल का पूरा भुगतान लिया और कोई रिफंड नहीं दिया।
मामला सामने आने के बाद एयरपोर्ट ऑपरेटर बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (बीआईएएल) ने घटना का संज्ञान लिया और कहा कि मामले की जांच चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
वहीं, रेस्तरां का संचालन करने वाली कंपनी एचएमएसहोस्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ऑपरेशंस डायरेक्टर काथिरवन राधाकृष्णन ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया।
उन्होंने पुष्टि की कि खाने में मांस पाया गया था, हालांकि ऐसा कैसे हुआ, इसकी आंतरिक जांच की जा रही है। इस मामले पर फिलहाल एफएसएसएआई और कर्नाटक खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।