फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स (FPCE) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर RERA कानूनों में बदलाव की मांग की है, ताकि घर खरीदारों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स (FPCE) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर RERA कानूनों में बदलाव की मांग की ...और पढ़ें
- FPCE ने पीएम मोदी से RERA में बदलाव की अपील
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FPCE ने पीएम मोदी से RERA में बदलाव की अपील
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स (FPCE) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। FPCE ने रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (RERA) के कानूनों में बदलाव की मांग की है। FPCE का कहना है कि कानूनों में बदलाव किया जाए, ताकि घर खरीदारों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
बता दें कि फोरम फॉर पीपल्स कलेक्टिव एफर्ट्स ने ही रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट के लिए चले आंदोलन का नेतृत्व किया था।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
पीएम मोदी को लिखे गए अपने पत्र में, FPCE ने मांग की है कि रियल एस्टेट सेक्टर के प्रमोशन और विकास को, घर खरीदारों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी ढांचे से अलग किया जाना चाहिए। इसने RERA को एक समर्पित 'रियल एस्टेट होमबायर प्रोटेक्शन एक्ट' (घर खरीदार सुरक्षा कानून) के रूप में फिर से लागू करने की भी मांग की है, जिसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता सुरक्षा हो।
रियल एस्टेट विकास को घर खरीदार सुरक्षा से अलग करें: रियल एस्टेट सेक्टर के प्रमोशन और विकास को, घर खरीदारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून से अलग रखा जाए।
RERA को फिर से लागू करें: एक समर्पित 'रियल एस्टेट होमबायर प्रोटेक्शन एक्ट' लाया जाए, जिसमें घर खरीदारों के हितों को सबसे ऊपर रखा गया हो।
प्रशासन को उपभोक्ता सुरक्षा मंत्रालय के अधीन करें: इस कानून के प्रशासन की जिम्मेदारी ऐसे मंत्रालय को सौंपी जाए जिसका मुख्य काम उपभोक्ता सुरक्षा हो, जैसे कि 'डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स' (उपभोक्ता मामले विभाग)।
जवाबदेही सुनिश्चित करें: रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटीज (नियामक प्राधिकरणों) के लिए एक प्रभावी जवाबदेही ढांचा तैयार किया जाए।