ईपीएफओ ने सदस्यों के लिए वाट्सएप सेवा शुरू की है, जिससे वे अपने पीएफ बैलेंस, लेनदेन और पासबुक की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- ईपीएफओ ने सदस्यों के लिए वाट्सएप सेवा शुरू की है, जिससे वे अपने पीएफ बैलेंस, लेनदेन और पासबुक की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
- वाट्सएप पर ही मिलेगा PF बैलेंस की जानकारी (यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।)
- जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों को अपना भविष्य निधि (पीएफ) बैलेंस देखने या खाते की जानकारी लेने के लिए अब ईपीएफओ कार्यालय जाने की जरूरत कम पड़ेगी।
वाट्सएप पर ही मिलेगा PF बैलेंस की जानकारी (यह तस्वीर AI द्वारा बनाई गई है।)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। नौकरीपेशा लोगों को अपना भविष्य निधि (पीएफ) बैलेंस देखने या खाते की जानकारी लेने के लिए अब ईपीएफओ कार्यालय जाने की जरूरत कम पड़ेगी।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की वाट्सएप सेवा शुरू की। इसके जरिए सदस्य अपने मोबाइल पर पीएफ खाते का बैलेंस, पिछले पांच लेनदेन और पासबुक की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
हालांकि, मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में पात्रता के विस्तृत मानदंडों या वाट्सएप के जरिए उपलब्ध सेवाओं की पूरी सूची का उल्लेख नहीं है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
पीटीआई के अनुसार, ईपीएफओ की 74वीं स्थापना वर्षगांठ पर शुरू की गई इस सुविधा का मकसद सदस्यों के लिए रोजमर्रा की सेवाएं आसान बनाना है। श्रम मंत्रालय के अनुसार, सदस्य प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए भी व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सहायता ले सकेंगे।
विज्ञप्ति के अनुसार, सदस्यों को सबसे पहले ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट ईपीएफइंडिया डाट जीओवी डाट इन पर अपने क्षेत्रीय कार्यालय का सत्यापित वाट्सएप हेल्पलाइन नंबर देखना होगा। इसके बाद उस नंबर को वाट्सएप पर खोलकर ‘हैलो’ संदेश भेजकर बातचीत शुरू की जा सकती है। उपलब्ध विकल्पों के अनुसार आगे बढ़कर खाते से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकेगी।
मांडविया ने आधार से सत्यापित ऐसे निष्क्रिय पीएफ खातों के स्वत: निपटान की सुविधा भी शुरू की, जिनमें एक हजार रुपये तक की राशि जमा है। ऐसे पात्र सदस्यों को अलग से दावा दाखिल नहीं करना होगा।
पहचान और बैंक खाते का निर्धारित सत्यापन पूरा होने के बाद ईपीएफओ खुद निपटान की प्रक्रिया शुरू करेगा। इससे करीब एक लाख खातों में जमा कुल पांच करोड़ रुपये की राशि संबंधित लाभार्थियों तक पहुंचने की उम्मीद है।
मांडविया ने कहा कि आठ करोड़ से अधिक सदस्यों के योगदान से ईपीएफओ के पास करीब 32 लाख करोड़ रुपये का कोष है। इस अवसर पर संगठन की तकनीकी व्यवस्था में सुधार का भी उल्लेख किया गया। मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर 2026 में दावों के निपटान का औसत समय घटकर 2.57 दिन रह गया।