रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, जो दोनों महानगरों के बीच रात भर की यात्रा को बेहतर बनाएगी।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई, जो दोनों महानगरों के बीच रात भर की यात्रा को बेहतर बनाएगी।
- स्वदेशी बुलेट ट्रेन का निर्माण कार्य जारी
- जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्वदेशी बुलेट ट्रेन का निर्माण कार्य जारी
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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु और मुंबई को जोड़ने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की पहली सेवा को हरी झंडी दिखाई। इसी के साथ, रेल मंत्री ने संकेत दिया कि प्रस्तावित बेंगलुरु-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर अगली उच्च गति रेल परियोजनाओं में शामिल हो सकता है। अन्य बुलेट परियोजनाएं भी शुरू की जानी हैं।
वहीं मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली भारत की पहली बुलेट ट्रेन का निर्माण कार्य बेंगलुरु में तेजी से जारी है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
वंदे भारत एक्सप्रेस को झंडी दिखाने के बाद उन्होंने कहा,"भविष्य में बुलेट ट्रेन से बेंगलुरु से चेन्नई पहुंचने में सिर्फ 73 मिनट लगेंगे—एक घंटा 13 मिनट। ये दोनों शहर एक शहर जैसे हो जाएंगे।"
रेल मंत्री वैष्णव ने रविवार को यह भी घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेंगलुरु से चलेगी। यह उत्तर कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों को हुब्बली की ओर जोड़ने के बाद पुणे और मुंबई जाएगी।
उन्होंने बताया कि बेंगलुरु-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस अगले कुछ हफ्तों में शुरू की जाएगी। इस मार्ग पर विद्युतीकरण और परीक्षण का काम पूरा हो चुका है।
आठ मोटर कार और चार ट्रेलर कार कोच समेत 16 कोच वाली बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की पहली सेवा को हरी झंडी दिखाने के बाद ट्रेन की उद्घाटन विशेष सेवा बेंगलुरु के सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल (एसएमवीटी) से रवाना हुई। यह सोमवार सुबह 6.15 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पहुंचेगी। इससे दोनों महानगरों के बीच रात में रेल संपर्क बेहतर होगा।
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने चार हजार किलोमीटर के बुलेट ट्रेन गलियारों को मंजूरी दी है। आने वाले वर्षों में 3,000 किलोमीटर के और बुलेट ट्रेन गलियारों की घोषणा होगी। बेंगलुरु-पुणे जैसे कई और गलियारे होंगे, जो पूरे कर्नाटक को जोड़ेंगे—बेंगलुरु से हुब्बली होते हुए पुणे तक। वह गलियारा भी शामिल होगा।"