LIVE शनि, 7 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
शनिवार, 7 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 81,028.02 +1718.02 (+2.17%)
निफ्टी 50 25,030.35 +493.75 (+2.01%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹93.91
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
breaking तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 0 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

दिवाली 2026: पटाखे और मिठाइयां कहीं बिगाड़ न दें त्योहार की रौनक, इन बीमारियों के मरीज बरतें खास सावधानी

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: शनि, 7 नव॰ 2026, 12:58 am
समाचार एजेंसी Amar Ujala
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

दिवाली 2026: पटाखे और मिठाइयां कहीं बिगाड़ न दें त्योहार की रौनक, इन बीमारियों के मरीज बरतें खास सावधानी
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

दिवाली पर पटाखों का धुआं और दिल्ली-एनसीआर का बढ़ता प्रदूषण सांस और दिल की बीमारियों से जूझ रहे लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। वहीं, ज्यादा मिठाई, नमकीन और तला-भुना खाना डायबिटीज, हाई बीपी और किडनी के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • दिवाली खुशियों, रोशनी और स्वादिष्ट पकवानों का त्योहार है। इस दिन हमारे घरों में तरह-तरह के पकवान बनते हैं, लोग आतिशबाजी का भी आनंद लेते हैं। लेकिन दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में दिवाली के आसपास बढ़ता वायु प्रदूषण सेहत के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। पटाखों से निकलने वाला धुआं, बारीक कण (पीए2.5 और पीएं10) और जहरीली गैसें सांस के साथ शरीर में पहुंचकर फेफड़ों और दिल पर असर डाल सकती हैं। .metering_wall_container {min-height:58px;max-height:58px;position:relative;transition:max-height 0.5s ease-in-out;}
  • प्रदूषण बीते कुछ दिनों से लोगों की सेहत के लिए खतरा बना हुआ है, दिवाली के दौरान पटाखों के कारण ये समस्या थोड़ी और बढ़ जाती है। ऐसे में सांस की समस्याओं से परेशान लोगों को इन दिनों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
  • दिवाली के दौरान सबसे ज्यादा सावधानी सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को रखनी चाहिए। पटाखों से निकलने वाला धुआं, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और बारीक प्रदूषक कण सांस की नलियों में सूजन और जलन पैदा कर सकते हैं। इससे अस्थमा के मरीजों को खांसी, सीने में जकड़न, घरघराहट और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सीओपीडी के मरीजों में भी बीमारी के लक्षण गंभीर हो सकते हैं।

प्रदूषण बीते कुछ दिनों से लोगों की सेहत के लिए खतरा बना हुआ है, दिवाली के दौरान पटाखों के कारण ये समस्या थोड़ी और बढ़ जाती है। ऐसे में सांस की समस्याओं से परेशान लोगों को इन दिनों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

दिवाली के दौरान सबसे ज्यादा सावधानी सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को रखनी चाहिए। पटाखों से निकलने वाला धुआं, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और बारीक प्रदूषक कण सांस की नलियों में सूजन और जलन पैदा कर सकते हैं। इससे अस्थमा के मरीजों को खांसी, सीने में जकड़न, घरघराहट और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। सीओपीडी के मरीजों में भी बीमारी के लक्षण गंभीर हो सकते हैं।

प्रदूषण का असर सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता, दिल और रक्त वाहिकाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है। पीएम 2.5 जैसे बारीक कण फेफड़ों में पहुंचकर शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं। इससे पहले से दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। दूसरी तरफ दिवाली पर ज्यादा तला-भुना खाना और मीठी-नमक चीजें खाने से कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा हो सकता है।

दिवाली पर मिठाइयों, पकवान और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाए रखना डायबिटीज के मरीजों के लिए जरूरी है। इनमें मौजूद अधिक मात्रा में चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ा सकते हैं। त्योहार के दौरान समय पर खाना न खाना, दवाएं न लेना और शारीरिक गतिविधि कम करना भी शुगर को बढ़ा सकता है।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

दिवाली पर नमकीन, चिप्स, पापड़ और दूसरी चीजों का सेवन बढ़ जाता है। इनमें सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है। ज्यादा नमक वाली चीजें खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और शरीर में पानी जमा होने की समस्या हो सकती है। किडनी के मरीजों के लिए यह परेशानी ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि उनकी किडनी शरीर से अतिरिक्त नमक और पानी नहीं निकाल पाती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।

रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें