कर्नाटक सरकार का दावा है कि राज्य के सात ज़िलों से पेट्रोल के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त लैब्स में जांच कराई गई, जिसमें कई जगह इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 फ़ीसदी से अधिक पाई गई. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर केंद्र सरकार को घेरा है.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
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- पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट को लेकर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के बीच विवाद गहरा गया है
- कर्नाटक सरकार का दावा है कि राज्य के सात ज़िलों से पेट्रोल के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त लैब्स में जांच कराई गई, जिसमें कई जगह इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 फ़ीसदी से अधिक पाई गई
पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट को लेकर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के बीच विवाद गहरा गया है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
कर्नाटक सरकार का दावा है कि राज्य के सात ज़िलों से पेट्रोल के नमूने लेकर मान्यता प्राप्त लैब्स में जांच कराई गई, जिसमें कई जगह इथेनॉल की मात्रा निर्धारित 20 फ़ीसदी से अधिक पाई गई
कर्नाटक सरकार के मुताबिक़, कुछ नमूनों में यह मात्रा 31.2 फ़ीसदी तक दर्ज की गई है
हालांकि, प्रमुख तेल कंपनियों ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने भी इस विवाद पर बयान जारी कर कहा कि देशभर में किए गए परीक्षणों में पेट्रोल के सभी सैंपल निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं
वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर केंद्र सरकार को घेरा है
उन्होंने सवाल किया कि अगर पेट्रोल में 20 फ़ीसदी से ज़्यादा इथेनॉल मिलाया जा रहा है, तो संबंधित तेल कंपनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कब होगी?
दरअसल, कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिज़वान अरशद ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी
इसमें उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सात ज़िलों के 63 स्थानों से पेट्रोल के नमूने इकट्ठे किए थे