जिस दिन अमेरिका ने ईरान के क़ेशम द्वीप पर हमला किया, उसी दिन दुबई के पास हमरिया बंदरगाह से पोरबंदर ख़जूर ले जा रहे एक जहाज़ पर होर्मुज स्ट्रेट में हमला हुआ और गुजरात के एक नाविक की मौत हो गई.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- जिस दिन अमेरिका ने ईरान के क़ेशम द्वीप पर हमला किया, उसी दिन दुबई के पास हमरिया बंदरगाह से पोरबंदर ख़जूर ले जा रहे एक जहाज़ पर होर्मुज स्ट्रेट में हमला हुआ और गुजरात के एक नाविक की मौत हो गई
- ओमान के तटरक्षक बल ने हमले में फंसे 13 अन्य नाविकों को बचाया
- अल जुसुफी नामक यह जहाज गुजरात के देवभूमि द्वारका स्थित सलाया बंदरगाह से था और इसके सभी चालक दल के सदस्य भी सलाया से ही थे
ओमान के तटरक्षक बल ने हमले में फंसे 13 अन्य नाविकों को बचाया
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
अल जुसुफी नामक यह जहाज गुजरात के देवभूमि द्वारका स्थित सलाया बंदरगाह से था और इसके सभी चालक दल के सदस्य भी सलाया से ही थे
हमले में मारे गए नाविक की पहचान नईम अजीज गांधार के रूप में हुई है
इससे पहले भी गंधार परिवार पर ऐसा ही दुख आ चुका था
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
पहले भी, गांधार परिवार के एक अन्य सदस्य की जहाज़ पर काम करते समय समुद्र में मृत्यु हो गई थी
अब, 22 वर्षीय नईम की समुद्र में हुई मौत ने उनके परिवार को सदमे में डाल दिया है
इस साल 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों के बाद युद्ध छिड़ने के बाद से होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भारतीय जहाज़ पर हमले की यह चौथी घटना थी
इस तरह के हमले में मरने वाला गुजरात का दूसरा नाविक नईम है
जहाज मालिकों का कहना है कि भारतीय सरकार द्वारा सुझाए गए सभी एहतियाती उपायों को अपनाने के बावजूद, उनके जहाज़ों पर हमले हो रहे हैं