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भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

ज़हरीले डार्ट मेंढक को रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया खर्च कर रहा करोड़ों डॉलर

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: शनि, 7 नव॰ 2026, 06:33 am
समाचार एजेंसी BBC Hindi
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ज़हरीले डार्ट मेंढक को रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया खर्च कर रहा करोड़ों डॉलर
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गन्ने की फसलों में कुछ कीटों को नियंत्रित करने के लिए 1935 में ऑस्ट्रेलिया में केन टोडको लाया गया था. लेकिन अब तेज़ी से उनका प्रसार नए क्षेत्रों में हो रहा है.

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • रियो टिंटो नाम की कंपनी पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पिलबारा क्षेत्र में ज़हरीले केन टोड (एक प्रकार का मेंढक) के प्रवेश को रोकने के लिए लाखों डॉलर खर्च कर रही है
  • खनन कंपनी यहां लौह अयस्क की खदानें संचालित करती है
  • रियो टिंटो पर्थ स्थित कर्टिन विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के सहयोग से 28 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 185 करोड़ रुपये) खर्च करेगी

खनन कंपनी यहां लौह अयस्क की खदानें संचालित करती है

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

रियो टिंटो पर्थ स्थित कर्टिन विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के सहयोग से 28 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 185 करोड़ रुपये) खर्च करेगी

इस राशि से रियो टिंटो का उद्देश्य 'मेंढक नियंत्रण क्षेत्र' स्थापित करना और इस हानिकारक मेंढक को दक्षिण की ओर फैलने से रोकना है

हालांकि केन टोड रियो टिंटो के व्यवसाय के लिए प्रत्यक्ष ख़तरा नहीं है, लेकिन इसके द्वारा छोड़े गए विष स्थानीय वन्यजीवों के लिए घातक हैं

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

पिलबारा पारिस्थितिकी तंत्र भी ख़तरे में है

रियो टिंटो को पहले भी पिलबारा में लौह अयस्क भंडार के ऊपर स्थित दो आदिवासी चट्टानी शेल्टरों को नष्ट करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है

इस फ़ैसले के कारण कंपनी के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अपना पद गंवाना पड़ा

देश भर में इसका कड़ा विरोध हुआ और बाद में रियो टिंटो ने स्थानीय आदिवासी समुदायों में भरोसे को फिर से कायम करने के लिए काम करने का वादा किया

आपके लिए नितिन श्रीवास्तव द्वारा चुनी गईं खास कहानियाँ

रिपोर्टिंग स्रोत: BBC Hindi मूल रिपोर्ट देखें

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