अमेरिका में हुए मिडटर्म इलेक्शन के बाद आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास की रफ़्तार धीमी होने की आशंका बढ़ गई है. एआई कंपनियों के शेयरों में गिरावट इस चिंता के बीच आई है कि एआई पर ख़र्च किए जा रहे भारी पैसे से कंपनियों को उतना फ़ायदा होगा भी या नहीं.
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- कंपनियों के शेयरों की क़ीमत में कई खरब डॉलर की गिरावट आई है
- अमेरिका में हुए मिडटर्म इलेक्शन के बाद आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास की रफ़्तार धीमी होने की आशंका बढ़ गई है
- अमेरिका में गुरुवार को टेक कंपनियों पर आधारित नैस्डैक शेयर इंडेक्स में 5.5 फ़ीसदी की गिरावट आई
अमेरिका में हुए मिडटर्म इलेक्शन के बाद आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास की रफ़्तार धीमी होने की आशंका बढ़ गई है
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
अमेरिका में गुरुवार को टेक कंपनियों पर आधारित नैस्डैक शेयर इंडेक्स में 5.5 फ़ीसदी की गिरावट आई
इससे बाज़ार में कंपनियों की कुल क़ीमत क़रीब 2.5 ट्रिलियन डॉलर घट गई
अमेरिका के दूसरे बड़े शेयर इंडेक्स में भी भारी गिरावट देखी गई
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
निवेशकों को चिंता है कि एआई पर सख़्त नियम लागू हो सकते हैं
इसकी वजह यह है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने उन डेटा सेंटरों का विरोध किया है, जिनकी ज़रूरत इस तकनीक को चलाने के लिए होती है
शेयरों में यह गिरावट इस चिंता के बीच आई है कि एआई पर ख़र्च किए जा रहे भारी पैसे से कंपनियों को उतना फ़ायदा होगा भी या नहीं
शेयरों में यह गिरावट इस चिंता के बीच आई है कि एआई पर ख़र्च किए जा रहे भारी पैसे से कंपनियों को उतना फ़ायदा होगा भी या नहीं
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार में आई गिरावट के कारण टेक कंपनियों के उस समूह को क़रीब एक ट्रिलियन डॉलर का नुक़सान हुआ, जिसे 'मैग्निफ़िसेंट सेवन' कहा जाता है