अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से पृथ्वी का एक वीडियो साझा किया, जिसमें बादलों के बीच चमकती बिजली को प्रकृति की आतिशबाजी जैसा बताया।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष से पृथ्वी का एक वीडियो साझा किया, जिसमें बादलों के बीच चमकती बिजली को प्रकृति की आतिशबाजी जैसा बताया।
- अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने वीडियो साझा किया।
- बादलों में बिजली को प्रकृति की आतिशबाजी बताया।
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने वीडियो साझा किया।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
बादलों में बिजली को प्रकृति की आतिशबाजी बताया।
दिवाली, धनतेरस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में दीवाली की तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे में जहां एक ओर पूरा भारत दीयों की रोशनी, जगमगाती लाइटों और पटाखों की गूंज से भरापूरा है। वहीं दूसरी ओर अंतरिक्ष की ऊंचाइयों से एक ऐसा नजारा सामने आया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
बता दें कि भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशू शुक्ला ने अंतरिक्ष से पृथ्वी का एक ऐसा वीडियो साझा किया, जिसे देखकर ऐसा लगा मानो प्रकृति खुद इस उत्सव में शामिल हो गई हो।
जारी वीडियो में साफ-साफ देखा जा सकता है कि अंतरिक्ष की कक्षा में पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाते हुए शुभांशू शुक्ला ने अपनी खिड़की से नीचे देखा, तो उन्हें बादलों के बीच लगातार चमकती हुई बिजली दिखाई दी। अंधेरे में बादलों के आर-पार नाचती हुई बिजली की यह चमक किसी आतिशबाजी से कम नहीं लग रही थी।
इस खूबसूरत दृश्य को कैमरे में कैद करने के बाद, शुभांशू शुक्ला ने अपनी भावनाएं भी साझा की। उन्होंने लिखा कि जब मैं अंतरिक्ष में था, तो मैंने यह वीडियो बनाया और महसूस किया कि पृथ्वी पर नीचे बिजली की चमक किस तरह थिरक रही है।
अंतरिक्ष से नीचे देखने पर यह मुझे प्रकृति की अपनी आतिशबाजी जैसी लगी, एक खूबसूरत और अनपेक्षित याद कि ब्रह्मांड के पास भी प्रकाश का जश्न मनाने का अपना एक तरीका है। उन्होंने आगे कहा कि त्योहार के इस खास मौके पर इस अद्भुत नजारे को देखना उनके लिए बेहद खास था और इससे बेहतर दिन इस वीडियो को शेयर करने का हो ही नहीं सकता था।
इसके साथ ही शुभांशू शुक्ला ने बताया कि दीवाली हमेशा से उनका सबसे पसंदीदा त्योहार रहा है। उनके लिए रोशनी, जगमगाहट और पटाखों का जादू हमेशा से एक अलग ही खुशी और आश्चर्य लेकर आता रहा है। बचपन से लेकर अंतरिक्ष की ऊँचाइयों तक पहुँचने के सफर में यह त्योहार उनके दिल के हमेशा करीब रहा है।