दीपोत्सव के इन खास अवसरों पर कुबेर देव का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा के दौरान उनके विशेष मंत्रों का जाप और आरती कर सकते हैं। यहां जानिए भगवान कुबेर के प्रमुख पूजा मंत्र और संपूर्ण आरती के बोल।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- Kuber Ji Ki Aarti: धनतेरस और दीपावली पर मां लक्ष्मी की उपासना के साथ भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में कुबेर देव को धन के अधिपति और देवताओं के खजाने का संरक्षक बताया गया है। मान्यता है कि विधि-विधान से उनकी आराधना करने पर घर में धन-धान्य की वृद्धि, आर्थिक संपन्नता और सुख-शांति की कामना पूरी होती है। दीपोत्सव के इन खास अवसरों पर कुबेर देव का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा के दौरान उनके विशेष मंत्रों का जाप और आरती कर सकते हैं। यहां जानिए भगवान कुबेर के प्रमुख पूजा मंत्र और संपूर्ण आरती के बोल।
- श्री कुबेर जी की आरती (Kuber Ji Ki Aarti)
- ऊं जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।
श्री कुबेर जी की आरती (Kuber Ji Ki Aarti)
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
ऊं जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।
शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे..
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे..
स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे।
योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे..
गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे।
दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे..