LIVE शुक्र, 6 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 80,382.2 +3080.80 (+3.99%)
निफ्टी 50 24,842.45 +881.85 (+3.68%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹93.96
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
breaking तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 0 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

कुबेर जी की आरती: धनतेरस और दिवाली पर करें धन के देवता की पूजा, यहां पढ़ें संपूर्ण आरती और मंत्र

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: गुरु, 5 नव॰ 2026, 08:12 pm
समाचार एजेंसी Amar Ujala
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

कुबेर जी की आरती: धनतेरस और दिवाली पर करें धन के देवता की पूजा, यहां पढ़ें संपूर्ण आरती और मंत्र
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

दीपोत्सव के इन खास अवसरों पर कुबेर देव का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा के दौरान उनके विशेष मंत्रों का जाप और आरती कर सकते हैं। यहां जानिए भगवान कुबेर के प्रमुख पूजा मंत्र और संपूर्ण आरती के बोल।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • Kuber Ji Ki Aarti: धनतेरस और दीपावली पर मां लक्ष्मी की उपासना के साथ भगवान कुबेर की पूजा-अर्चना करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में कुबेर देव को धन के अधिपति और देवताओं के खजाने का संरक्षक बताया गया है। मान्यता है कि विधि-विधान से उनकी आराधना करने पर घर में धन-धान्य की वृद्धि, आर्थिक संपन्नता और सुख-शांति की कामना पूरी होती है। दीपोत्सव के इन खास अवसरों पर कुबेर देव का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा के दौरान उनके विशेष मंत्रों का जाप और आरती कर सकते हैं। यहां जानिए भगवान कुबेर के प्रमुख पूजा मंत्र और संपूर्ण आरती के बोल।
  • श्री कुबेर जी की आरती (Kuber Ji Ki Aarti)
  • ऊं जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।

श्री कुबेर जी की आरती (Kuber Ji Ki Aarti)

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

ऊं जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।

शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे..

शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे..

स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे।

योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे..

गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे।

दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें॥ ऊं जै यक्ष कुबेर हरे..

रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें