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भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

नरक चतुर्दशी 2026: छोटी दिवाली के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानिए जरूरी बातें

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: गुरु, 5 नव॰ 2026, 04:37 am
समाचार एजेंसी Amar Ujala
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नरक चतुर्दशी 2026: छोटी दिवाली के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जानिए जरूरी बातें
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नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली में क्या अंतर है? जानिए क्या दोनों एक ही त्योहार हैं, नरकासुर वध की पौराणिक कथा, पूजा की परंपराएं और छोटी दिवाली का धार्मिक महत्व।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • Narak Chaturdashi 2026: दिवाली का त्योहार सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि पांच दिनों तक चलने वाला खुशियों और उत्साह का पर्व है। धनतेरस से शुरू होकर भाई दूज तक चलने वाले इस त्योहार में हर दिन का अपना अलग धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है। इसी दौरान नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली का नाम भी खूब सुनने को मिलता है। कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली दो अलग-अलग त्योहार हैं या फिर दोनों एक ही पर्व के नाम हैं?
  • दरअसल, नरक चतुर्दशी को ही आमतौर पर छोटी दिवाली कहा जाता है। यह कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर का वध करने की कथा याद की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देता है।
  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने, घर की साफ-सफाई करने और दीपक जलाने की परंपरा है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली का क्या संबंध है, इस दिन क्या किया जाता है और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

दरअसल, नरक चतुर्दशी को ही आमतौर पर छोटी दिवाली कहा जाता है। यह कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर का वध करने की कथा याद की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश देता है।

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने, घर की साफ-सफाई करने और दीपक जलाने की परंपरा है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली का क्या संबंध है, इस दिन क्या किया जाता है और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

क्या नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली एक ही हैं?

जी हां, सामान्य तौर पर नरक चतुर्दशी और छोटी दिवाली एक ही पर्व के दो नाम हैं। नरक चतुर्दशी इसका धार्मिक नाम है, जबकि छोटी दिवाली इसे मुख्य दिवाली से एक दिन पहले मनाए जाने के कारण कहा जाता है।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में इसे नरक चौदस, रूप चौदस और कुछ स्थानों पर काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इन नामों के साथ जुड़ी परंपराओं में क्षेत्रीय अंतर देखने को मिलता है।

पौराणिक कथा के अनुसार नरकासुर नाम के राक्षस ने लोगों को परेशान कर रखा था और कई लोगों को बंदी बना लिया था। उसके अत्याचारों से परेशान होकर भगवान श्रीकृष्ण ने उसका वध किया और बंदियों को मुक्त कराया।

मान्यता है कि भगवान कृष्ण की इस विजय की खुशी में नरक चतुर्दशी मनाई जाती है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

छोटी दिवाली के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं। कई परिवारों में तिल के तेल से अभ्यंग स्नान यानी तेल लगाकर स्नान करने की परंपरा है। इसे शरीर और मन की शुद्धि से जोड़कर देखा जाता है।

इसके अलावा घर की साफ-सफाई की जाती है, रंगोली बनाई जाती है और शाम के समय घर के बाहर तथा पूजा स्थल पर दीपक जलाए जाते हैं। कुछ क्षेत्रों में यम दीपदान की भी परंपरा है।

रिपोर्टिंग स्रोत: Amar Ujala मूल रिपोर्ट देखें

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