सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय इमारतों में दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता के मुद्दे पर केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय इमारतों में दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता के मुद्दे पर केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।
- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से दिव्यांग सुगम्यता पर जवाब मांगा।
- जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से दिव्यांग सुगम्यता पर जवाब मांगा।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय इमारतों में दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता के मुद्दे को उठाने वाली याचिका पर केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा। जस्टिस विक्रम नाथ और अपरेश कुमार सिंह की पीठ के समक्ष याचिका पर सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा,"यह जनहित याचिका दिव्यांगजनों के लिए इमारतों में सुगम्यता के मानकों से संबंधित है।" याचिका में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रविधानों का उल्लेख किया गया है। इनमें सुगम्यता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने से जुड़ा प्रविधान भी शामिल है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
वकील ने दलील दी कि 2016 का अधिनियम स्पष्ट करता है कि सुगम्यता मानकों का पालन किए बिना किसी प्रतिष्ठान को पूर्णता प्रमाणपत्र नहीं दिया जा सकता।
पीठ ने जब कहा कि वह याचिका पर केंद्र और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर रही है, तो वकील ने 2005 की एक लंबित याचिका का उल्लेख किया। उस याचिका में दिव्यांगजनों के लिए सार्वजनिक स्थानों तक सार्थक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।