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भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

अग्निवीरों को छह साल बाद नियमित कैडर में मिलेगी जगह, रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: गुरु, 5 नव॰ 2026, 04:38 pm
समाचार एजेंसी Dainik Jagran
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रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक, स्वस्थ और अनुशासित अग्निवीरों को छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक, स्वस्थ और अनुशासित अग्निवीरों को छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा।
  • इच्छुक अग्निवीर छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनेंगे
  • इच्छुक अग्निवीर छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनेंगे

इच्छुक अग्निवीर छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनेंगे

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

इच्छुक अग्निवीर छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक बनेंगे

अग्निपथ योजना वापस नहीं ली गई, बल्कि इसमें बदलाव हुए

अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार भी मिलेगा

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सेवा जारी रखने के इच्छुक, शारीरिक रूप से स्वस्थ और अनुशासित सभी सेवारत अग्निवीरों को छह साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अग्निपथ भर्ती योजना को वापस नहीं लिया गया है।

यह स्पष्टीकरण सरकार की उस घोषणा के एक दिन बाद आया, जिसमें कहा गया था कि चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। इसके बाद मानदंड पूरे करने वाले अग्नि वीरों को स्थायी रूप से भर्ती किया जाएगा।

जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों को चार साल के लिए भर्ती किया गया था। इसमें से केवल 25 प्रतिशत को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रविधान था।

चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को योजना में बदलावों की घोषणा की थी, जब करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल जल्द पूरा होने वाला है और वह सशस्त्र बलों से बाहर होने वाले थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने और स्थायी भर्ती का निर्णय लिया गया था। रक्षा अधिकारियों ने कहा कि अग्निवीरों की वरिष्ठता सुरक्षित रहेगी और उन्हें नियमित सैनिक बनने पर अपने बैचमेट के तुरंत बाद रखा जाएगा।

रिपोर्टिंग स्रोत: Dainik Jagran मूल रिपोर्ट देखें

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