LIVE गुरु, 5 नव॰ 2026
ई-पेपर
सत्यमेव जयते • The Voice of Independent Journalism • 24x7 Digital Media
TAAZAWIRE
ताज़ा वायर • राष्ट्रीय डिजिटल दैनिक
गुरुवार, 5 नवंबर 2026 • विक्रम संवत 2083 | राष्ट्रीय दैनिक
ताज़ा हलचल:
UGC रेगुलेशन क्या है? सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद एक्शन में सरकार, गठित होगी नई कमेटी भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि, यूनेस्को 'मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड' रजिस्टर में शामिल हुए महाभारत, अर्थशास्त्र और राजतरंगिणी भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए पासपोर्ट-वीजा नियमों में बड़ी ढील, गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन ड्रोन और AI बताएंगे भारतीय सड़कों पर ट्रैफिक का हाल, जाम की हर उलझन सुलझाएगा IIT गुवाहाटी का यह मॉडल 26 शहरों में 1200 किमी फैला मेट्रो नेटवर्क, पीएम मोदी बोले- इसका असर आंकड़ों से कहीं आगे सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: आवासीय इमारतों में दिव्यांगों की सुगमता पर केंद्र से मांगा जवाब
मार्केट लाइव:
सेंसेक्स (BSE) 79,310.01 +2392.11 (+3.11%)
निफ्टी 50 24,536.6 +725.80 (+3.05%)
सोना (24K) ₹78,850 +240
चांदी (1kg) ₹93,400/kg +450
पेट्रोल (दिल्ली) ₹94.72/L
डीजल ₹87.62/L
USD/INR ₹94.47
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store
sarkari-yojna तथ्य सत्यापित (Fact Checked) 2 मिनट का समय 1 बार पढ़ा गया
भाषा: हिंदी (मूल समाचार)

अब नहीं बढ़ेंगे दूध के दाम? 'जी-रामजी' योजना के तहत बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाएगी सरकार

विशेष संवाददाता | ब्यूरो | नई दिल्ली ब्यूरो
प्रकाशित: गुरु, 5 नव॰ 2026, 04:06 pm
समाचार एजेंसी Dainik Jagran
यह ख़बर सुनें (AI ऑडियो) ऑडियो

प्ले बटन दबाकर पूरी ख़बर आवाज़ में सुनें

अब नहीं बढ़ेंगे दूध के दाम? 'जी-रामजी' योजना के तहत बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाएगी सरकार
इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)
विशेष पेशकश (SPONSORED) SPONSORED
Dukan Book Digital Khata - Google Play Store

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पशुपालन विभाग के साथ मिलकर चारे के संकट से दूध की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने की पहल की है। 'विकसित भारत-जी रामजी' योजना के तहत 22 नए कार्य जोड़कर चारा बैंक, चारागाह और पशुधन विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रमुख बातें (Key Highlights):

  • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पशुपालन विभाग के साथ मिलकर चारे के संकट से दूध की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने ...और पढ़ें
  • जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
  • जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। चारे के संकट के कारण दुग्ध उत्पादों की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के साथ मिलकर पहल की है।

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। चारे के संकट के कारण दुग्ध उत्पादों की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग के साथ मिलकर पहल की है।

मनरेगा की जगह लाई गई योजना विकसित भारत-जी रामजी के तहत चारे की उपलब्धता बढ़ाकर देश में पशुधन विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए 22 तरह के अतिरिक्त कार्य शामिल किए गए हैं। गांवों में चारा बैंक और चारागाह भी बनाने की तैयारी है।

राज्यों को कुल खर्च का कम से कम पांच प्रतिशत चारा और पशुधन संबंधी कार्यों पर लगाने की अनुमति होगी।

मुख्य प्रभाव और आगामी कदम

देश में चारा संकट बड़ी समस्या बनती जा रही है। इसके चलते पशुओं के रखरखाव पर खर्च बढ़ रहा है और उनके दूध उत्पादन की क्षमता भी प्रभावित हो रही है। इसी आधार पर अमूल ने अपने दुग्ध उत्पादों की कीमत बढ़ा दी है। कर्नाटक में दूध के दाम में एकबारगी आठ रुपये प्रतिकिलो की वृद्धि हुई है।

नई व्यवस्था में व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर चारा उत्पादन के साथ चारागाह और चराई भूमि विकसित की जा सकेगी। पेड़ों के साथ घास उगाने वाली प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। चारे को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए भंडारण केंद्र और साइलेज इकाइयां बनाई जा सकेंगी।

रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से चारा बैंक, सामुदायिक चारागाह, चराई भूमि, पशु आश्रय स्थल और चिकित्सा केंद्र बनाए जा सकेंगे। भंडारण की व्यवस्था भी होगी।

ग्रामीण विकास विभाग और पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सूचित कर दिया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोड़ना है, जिनका सीधा लाभ किसानों और पशुपालकों को मिल सके। छोटे किसानों तथा भूमिहीन परिवारों को इसका लाभ पहुंचाने पर जोर है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका पशुपालन और डेयरी पर निर्भर है।

इसके अलावा गाय-बैल, बकरी, सूअर और मुर्गी पालन के लिए नए आश्रय स्थल बनाने तथा पुराने आश्रय स्थलों की मरम्मत और रखरखाव का काम भी कराया जा सकेगा। सामुदायिक दूध संग्रह केंद्र, पशु चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र और पशुओं के लिए पानी की टंकियां बनाने की भी अनुमति होगी।

रिपोर्टिंग स्रोत: Dainik Jagran मूल रिपोर्ट देखें

💬 इस ख़बर पर आपकी क्या राय है?

अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करें (1-क्लिक वोट)

यह जानकारी कैसी लगी? अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें:

इस ख़बर को शेयर करें: दोस्तों के साथ साझा करें
WhatsApp Telegram X (Twitter)

📢 ऐसी ही हर बड़ी ताज़ा ख़बर सीधे टेलीग्राम पर पाएं

बिना किसी देरी के सबसे पहले अपडेट्स के लिए हमारे ग्रुप से जुड़ें।

चैनल जॉइन करें
TaazaWire App Icon

TaazaWire App FREE

1-क्लिक में होमस्क्रीन पर जोड़ें और सबसे तेज़ ख़बरें पायें