मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जायमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सप्रे के खिलाफ दायर याचिका पर जल्द फैसला लेने से इनकार करने के लिए हाई कोर्ट के रुख पर भी नाराजगी जताई।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जायमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी
- मोहना की पीठ ने सप्रे के खिलाफ दायर याचिका पर ...और पढ़ें
- विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ अयोग्यता याचिका पर दो महीने में फैसला लें : सुप्रीम कोर्ट
मोहना की पीठ ने सप्रे के खिलाफ दायर याचिका पर ...और पढ़ें
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ अयोग्यता याचिका पर दो महीने में फैसला लें : सुप्रीम कोर्ट
यह याचिका दो साल से अधिक समय से लंबित है, जल्द आ सकता है फैसला
बागी कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ जल्द फैसले करने का आदेश
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया कि वे बागी कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे के खिलाफ दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता की याचिका पर दो महीने के भीतर फैसला लें।
यह याचिका दो साल से अधिक समय से लंबित है। कोर्ट ने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दायर याचिकाओं पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जायमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी
मोहना की पीठ ने सप्रे के खिलाफ दायर याचिका पर जल्द फैसला लेने से इनकार करने के लिए हाई कोर्ट के रुख पर भी नाराजगी जताई।
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार द्वारा जुलाई 2024 में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सप्रे ने अपनी मर्जी से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता छोड़ दी, वह पार्टी जिसके टिकट पर वे 2023 के विधानसभा चुनाव में चुनी गई थीं, और भाजपा में शामिल हो गईं।