कर्नाटक सरकार ने दीवाली से पहले चार सरकारी परिवहन निगमों में बस किराया बढ़ा दिया है। डीजल की बढ़ती कीमतों को इसका कारण बताया गया है।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- कर्नाटक सरकार ने दीवाली से पहले चार सरकारी परिवहन निगमों में बस किराया बढ़ा दिया है। डीजल की बढ़ती कीमतों को इसका कारण बताया गया है।
- कर्नाटक में चार सरकारी परिवहन निगमों का किराया बढ़ा।
- KSRTC में नौ रुपये, BMTC में दस रुपये तक बढ़ोतरी।
कर्नाटक में चार सरकारी परिवहन निगमों का किराया बढ़ा।
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
KSRTC में नौ रुपये, BMTC में दस रुपये तक बढ़ोतरी।
डीजल मूल्य वृद्धि को बताया गया मुख्य कारण।
पीटीआई, बेंगलुरु। दीवाली से पहले कर्नाटक में बस यात्रा करने वाले यात्रियों पर महंगाई की मार पड़ी है। सरकार ने चार सरकारी परिवहन निगमों में बस किराया बढ़ा दिया है।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) में अधिकतम नौ रुपये और बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) की सिटी बसों में अधिकतम 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। ये नई दरें बुधवार आधी रात से लागू हो गई हैं।
परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने बताया कि घोषणा की है कि कर्नाटक के चार सरकारी परिवहन निगमों में बस किराया बढ़ा दिया गया है। इसमें केएसआरटीसी और बीएमटीसी शामिल हैं। केएसआरटीसी में अधिकतम नौ रुपये और बीएमटीसी की सिटी बसों में अधिकतम 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
बेंगलुरु में बीएमटीसी बसों का न्यूनतम किराया छह रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो गया है, जबकि अधिकतम किराया 35 रुपये से बढ़कर 45 रुपये हो गया है। एसी 'वज्र' बसों का अधिकतम किराया 75 रुपये से बढ़कर 90 रुपये हो गया है, और केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने वाली 'वायु वज्र' सेवाओं का किराया 405 रुपये से बढ़कर 425 रुपये हो गया है।
परिवहन मंत्री सुरेश ने पत्रकारों को बताया कि तमिलनाडु और महाराष्ट्र सरकारों ने भी बस किराया बढ़ाया है। इसलिए हम भी किराया बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इस बढ़ोतरी के पीछे डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि का हवाला दिया है।
उन्होंने कहा कि केएसआरटीसी में किराया बढ़ोतरी को अधिकतम नौ रुपये तक सीमित रखा गया है। इसके साथ ही, 'राजहंस' और एसी बसों जैसी लग्जरी सेवाओं का किराया बाजार में मौजूद अन्य विकल्पों की कीमतों को ध्यान में रखकर तय किया गया है। राज्य सरकार पहले से ही 'शक्ति' योजना के तहत कर्नाटक की महिलाओं को राज्य की गैर-लग्जरी सरकारी बसों में कहीं भी आने-जाने के लिए मुफ्त बस सेवा दे रही है।