how to identify fake sweets on Diwali 2026: बाजार की मिठाइयों में मिलावट कैसे पहचानें? जानिए नकली मावा, चांदी के वर्क और मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने के आसान तरीके। FSSAI के घरेलू टेस्ट और जरूरी सावधानियां भी जानें।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- Nakli Mithai Ki Pehchan: दिवाली का त्योहार हो और घर में मिठाइयों की बात न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! त्योहार पर मेहमानों का स्वागत करना हो या रिश्तेदारों को मिठाई के डिब्बे गिफ्ट करने हों, बाजार से तरह-तरह की मिठाइयां खरीदी जाती हैं। काजू कतली, मोतीचूर के लड्डू, मिल्क केक, बर्फी और रसगुल्ले जैसी मिठाइयों की मांग इस दौरान काफी बढ़ जाती है। लेकिन इसी बढ़ती मांग के बीच मिठाइयों की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। दरअसल, कई मिठाइयां दूध, मावा, घी और छेना जैसी जल्दी खराब होने वाली चीजों से बनाई जाती हैं। ऐसे में अगर इनके निर्माण, भंडारण या रखरखाव में लापरवाही हो तो सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका भी रहती है। मिठाइयों पर लगा चमकदार चांदी का वर्क, उनका रंग और खुशबू देखकर उनकी शुद्धता का अंदाजा लगाना हमेशा सही नहीं होता। ऐसे में जरूरी है कि दिवाली पर मिठाई खरीदते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए। अच्छी बात यह है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कुछ सामान्य मिलावट की शुरुआती जांच के लिए घरेलू टेस्ट भी बताए हैं। आइए जानते हैं मिठाई खरीदते समय किन बातों को जांचना चाहिए और घर पर कौन-से शुरुआती टेस्ट किए जा सकते हैं। 1
- मिठाई खरीदते समय सबसे पहले देखें ये चीजें मिठाई खरीदने से पहले उसकी निर्माण और इस्तेमाल की अंतिम तारीख जरूर देखें। पैक्ड मिठाई के डिब्बे पर सामग्री, FSSAI लाइसेंस नंबर और निर्माता की जानकारी भी जांचें। खुली मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, मिठाइयों को ढककर रखने और उन्हें सुरक्षित तापमान पर स्टोर करने की व्यवस्था पर ध्यान दें। बहुत कम कीमत पर मिलने वाली मिठाइयों या असामान्य डिस्काउंट से भी सावधान रहें। केवल सस्ती कीमत देखकर खरीदारी न करें। 2
- मावा और खोया में स्टार्च की ऐसे करें शुरुआती जांच मावा और खोया से बनी मिठाइयों में स्टार्च की मौजूदगी की जांच के लिए FSSAI ने आयोडीन टेस्ट बताया है। इसके लिए थोड़े से नमूने को पानी में उबालकर ठंडा करें और उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। अगर मिश्रण नीला हो जाता है तो स्टार्च की मौजूदगी का संकेत मिल सकता है। हालांकि, यह टेस्ट हर मिठाई पर लागू नहीं होता और इसका परिणाम मिलावट का अंतिम प्रमाण नहीं है। 3
मिठाई खरीदते समय सबसे पहले देखें ये चीजें मिठाई खरीदने से पहले उसकी निर्माण और इस्तेमाल की अंतिम तारीख जरूर देखें। पैक्ड मिठाई के डिब्बे पर सामग्री, FSSAI लाइसेंस नंबर और निर्माता की जानकारी भी जांचें। खुली मिठाई खरीदते समय दुकान की साफ-सफाई, मिठाइयों को ढककर रखने और उन्हें सुरक्षित तापमान पर स्टोर करने की व्यवस्था पर ध्यान दें। बहुत कम कीमत पर मिलने वाली मिठाइयों या असामान्य डिस्काउंट से भी सावधान रहें। केवल सस्ती कीमत देखकर खरीदारी न करें। 2
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
मावा और खोया में स्टार्च की ऐसे करें शुरुआती जांच मावा और खोया से बनी मिठाइयों में स्टार्च की मौजूदगी की जांच के लिए FSSAI ने आयोडीन टेस्ट बताया है। इसके लिए थोड़े से नमूने को पानी में उबालकर ठंडा करें और उसमें आयोडीन की कुछ बूंदें डालें। अगर मिश्रण नीला हो जाता है तो स्टार्च की मौजूदगी का संकेत मिल सकता है। हालांकि, यह टेस्ट हर मिठाई पर लागू नहीं होता और इसका परिणाम मिलावट का अंतिम प्रमाण नहीं है। 3
चांदी का वर्क असली है या नकली? काजू कतली और बर्फी जैसी मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगाया जाता है। FSSAI के घरेलू जांच संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार, असली चांदी का वर्क उंगलियों के बीच हल्के से रगड़ने पर बारीक पाउडर जैसा टूट सकता है, जबकि एल्युमिनियम की पत्ती छोटे टुकड़ों में टूट सकती है। फिर भी केवल इस तरीके से शुद्धता की पुष्टि नहीं होती। बेहतर है कि प्रतिष्ठित दुकान से मिठाई खरीदें और खाद्य गुणवत्ता की जानकारी लें। 4
मिठाई की खुशबू और रंग को न करें नजरअंदाज अगर मिठाई से खट्टी, बासी या असामान्य गंध आ रही है तो उसे न खरीदें। इसी तरह बहुत ज्यादा चमकीले रंग, चिपचिपापन, फफूंदी या असामान्य बनावट दिखने पर भी सावधान रहें। हालांकि, सामान्य दिखने वाली मिठाई भी पूरी तरह सुरक्षित हो, इसकी गारंटी नहीं होती। 5
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
घर पर मिठाई की शुरुआती जांच कैसे करें? FSSAI के डार्ट यानी डिटेक्ट अडलट्रेस विद रेपिड टेस्ट दिशा-निर्देशों में दूध और दूध से बने कुछ उत्पादों में स्टार्च जैसी मिलावट की शुरुआती जांच के तरीके बताए गए हैं। इनका उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना है, न कि लैब टेस्ट की जगह लेना। अगर मिठाई की गुणवत्ता पर संदेह हो तो उसे खाने से बचें। केवल घरेलू टेस्ट के आधार पर किसी दुकानदार पर मिलावट का आरोप न लगाएं। 6
शिकायत कहां करें? अगर आपको किसी मिठाई में मिलावट या खराब गुणवत्ता का संदेह है तो खरीदारी का बिल संभालकर रखें। मिठाई की पैकिंग और दुकान की जानकारी सुरक्षित रखें। आप FSSAI के फूड सेफ्टी कनेक्ट माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।