सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने मंगलवार को उसकी आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाले फर्जी डोमेन के निर्माण को लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की और सभी हितधारकों को निजी या वित्तीय जानकारी साझा नहीं करने की चेतावनी दी।
प्रमुख बातें (Key Highlights):
- सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने मंगलवार को उसकी आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाले फर्जी डोमेन के निर्माण को लेकर सार्वजनिक ...और पढ़ें
- सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाली फर्जी साइट को लेकर चेतावनी
- नए फर्जी डोमेन scigovinjudicial.com को लेकर किया आगाह
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाली फर्जी साइट को लेकर चेतावनी
मामले का पूरा विवरण और ताज़ा स्थिति
नए फर्जी डोमेन scigovinjudicial.com को लेकर किया आगाह
रजिस्ट्री ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का पंजीकृत डोमेन sci.gov.in है
पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने मंगलवार को उसकी आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाले फर्जी डोमेन के निर्माण को लेकर सार्वजनिक सूचना जारी की और सभी हितधारकों को निजी या वित्तीय जानकारी साझा नहीं करने की चेतावनी दी।
मुख्य प्रभाव और आगामी कदम
सूचना में कहा गया, यह एडवाइजरी 16 जुलाई, 2025; 28 अप्रैल, 2026 और 13 अगस्त, 2026 को जारी पूर्व सार्वजनिक नोटिसों के क्रम में जारी की गई है। ये नोटिस सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट की नकल करने वाली भ्रामक वेबसाइटों के बारे में थीं, जिन्हें टारगेटेड फिशिंग मेकेनिज्म के जरिये जनता को ठगने के इरादे से बनाया गया था।
रजिस्ट्री सभी हितधारकों को इस नए फर्जी डोमेन scigovinjudicial.com को लेकर आगाह करती है। यह डोमेन फिलहाल इस अदालत की आधिकारिक आनलाइन मौजूदगी की नकल है।
रजिस्ट्री ने कहा कि साइबर अपराधी उक्त लिंक के जरिये जनता से संवेदनशील निजी डाटा और गोपनीय लाग-इन विवरण हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
सभी हितधारकों को निजी या वित्तीय जानकारी साझा करने के प्रति सख्ती से आगाह किया जाता है, क्योंकि ऐसी जानकारी देने से अपराधियों को डाटा चुराने में मदद मिल सकती है। रजिस्ट्री ने सभी को सतर्क रहने और इलेक्ट्रानिक संचार की प्रामाणिकता जांचने की सलाह दी।
रजिस्ट्री ने कहा, भारत का सुप्रीम कोर्ट sci.gov.in डोमेन का पंजीकृत यूजर है। लोगों को किसी भी वेबसाइट से जुड़ने से पहले उसके यूआरएल पर माउस ले जाकर उसकी प्रामाणिकता जांचने की सलाह दी जाती है।